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हनुमान जी दलित और वंचित हैं

हनुमान जी को दलित कहने पर देश में सियासत शुरू हो गयी है। यूपी के सीएम योगी के बयान को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। योगी के हनुमान जी को दलित कहने पर लोगों ने अपनी -अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। हालांकि, सीएम योगी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हो रही है. ट्विटर, फेसबुक पर कई तरह के मेम्स बनाए जा रहे हैं. बता दें कि इससे पहले शहरों के नामों को लेकर भी योगी आदित्यनाथ विवादों में रहे हैं. सोशल मीडिया में इस बयान के हवाले से लोगों ने भाजपा और आदित्यनाथ पर जबर्दस्ती की जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है. फेसबुक पर पोस्ट एक है, ‘जिन्हें कृष्ण में यादव और हनुमान में दलित नजर आते हैं, वो हमें हिंदूवादी नहीं, जातिवादी नजर आते हैं.’ वैसे भी भारतीय चुनाव ऐतिहासिक और मिथकीय किरदारों जैसे मुगल, टीपू सुल्तान, नेहरू, गांधी, भगवान राम, हनुमान और विकास आदि के बारे में जानने का बहुत ही अच्छा मौका होते हैं.

English Medium School

अभिभावक चाहे महल का हो या स्लम काहर एक की पहली पसंद इंग्लिश मीडियम स्कूल हो गयी है। परिणाम आज गली-गली में इंग्लिश मीडियम स्कूल खुल रहे है। पर सवाल यह पैदा होता है कि इस इंग्लिश मीडियम शिक्षा व्यवस्था में बच्चे कुछ सीख भी पाते है ? साथियों ! शिक्षा का अर्थ मनुष्य की चेतना को जागृत कर ज्ञान को व्यवहारिक बनाना है। वही हमारे बच्चे बीना व्यवहारिक अर्थ समझें रटते चले जाते है। वे रट-रट कर केजी से पीजी तक पास कर जाते है। पर मौलिक ज्ञान सृजन नहीं कर पाते। हमारे बच्चों ने ‘रटनेको ही ‘ज्ञान’ समझ लिया है और ‘अंग्रेजी बोलने की योग्यता को (इंग्लिश स्पीकिंग)’ को ही ‘शिक्षा’ । विद्यार्थी वर्ग आज सिर्फ उतना पढ़ता है जितना की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए काफी है। डिग्री ही ज्ञान है इसका परिणाम यह निकला है कि डिग्री प्राप्त करों-  चाहे रटोंनकल करों या खरीद लो। हमारे बच्चे स्कूल में रटे ज्ञान का स्कूल के बाहर के बाहर की दूनियां के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते . 

एम के पाण्डेय निल्को

अवन्तिका शिक्षक सम्मान समारोह कल 12 बजे

अवन्तिका संस्था द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2017 को स्थानीय इंटरनेशनल स्कूल ऑफ इन्फॉर्मैटिक्स एंड मैनेजमेंट टेक्निकल कैम्पस, मानसरोवर पर शहर के चयनित शिक्षाविदों को उनके द्वारा किए गए समर्पित शिक्षण सेवा व अनुकरणीय कार्यों हेतु अवन्तिका शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा । इस अवसर पर डॉ॰ राखी गुप्ता (आई॰ आई॰ एस॰ यूनिवर्सिटी), डॉ॰ मधु श्रीवास्तव (सुबोध गर्ल्स कॉलेज), डॉ॰ निमाली सिंह (महारानी कॉलेज), श्रीमती रामा दत्त (संस्कार स्कूल), फादर जॉन रवि (सेंट जेवियर्स स्कूल, नेवटा), श्रीमती रश्मी तलवार (महावीर पब्लिक स्कूल), श्रीमती नीरा पाण्डेय (आर्मी पब्लिक स्कूल), श्रीमती सोनाली सिंधवी बंसल (जयश्री पेड़ीवाल प्री स्कूल) श्रीमती ज्योति राठौड़ (एम॰ के॰ बी॰ स्कूल), श्रीमती माला अग्निहोत्री (इंडिया इन्टरनेशनल स्कूल), सिस्टर दीपा मैथ्यु (सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर), श्रीमती सुनीता राठौड़ (टैगोर पब्लिक स्कूल), श्रीमती उषा किरण शर्मा (बाल विश्व भारती स्कूल), श्रीमती सरिता कटियार (रेयान इन्टरनेशनल स्कूल), श्रीमती मधु सूद (रवीन्द्र निकेतन पब्लिक स्कूल), श्रीमती तान्या शर्मा (टी॰ पी॰ एस॰), श्रीमती सीमा अहमद (आलोक मेमोरियल स्कूल), श्रीमती बीना शर्मा (टी॰ पी॰ एस॰), श्रीमती सीमा चौधरी (राजकीय सी॰ सै॰ स्कूल, हरमाड़ा), श्री धीरज मिश्रा ( टैगोर विद्द्या भवन), श्रीमती पीयूष सूद (द रूटस पब्लिक स्कूल) को सम्मानित किया जाएगा । कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ॰ अशोक गुप्ता (वाइस चांसलर, दी आई. आई. एस. यूनिवर्सिटी), श्री पी. डी. सिंह (कमिशनर, अवंतिका, राजस्थान), डॉ॰ आनंद अग्रवाल (राष्ट्रीय निदेशक, अवंतिका) द्वारा किया जाएगा । इस अवसर पर विख्यात मंत्रज्ञ व मेडिटेसन एक्सपर्ट निर्मला सेवानी, बाल विलक्षण प्रतिभा मनन सूद (गूगल बॉय) तथा संगीतज्ञ श्री सुदेश शर्मा आकर्षण का केंद्र रहेगे। उक्त जानकारी अवंतिका राजस्थान कोडिनेटर श्री आलोक सूद तथा मिडिया प्रभारी एम के पाण्डेय निल्को ने दी।

मुक्तक – सुबह जैसे ही आँख खुलती है

सुबह जैसे ही आँख खुलती है
मानो एक शिकायत किया करती है
भोर होते ही क्यू छोड़ देता है मुझको
मेरी तनहाई मुझसे यही सवाल किया करती है

एम के पाण्डेय निल्को

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मुक्तक – तेरे चाहने वालों की बहुत आबादी है

तेरे चाहने वालों की बहुत आबादी है
पर निल्को को कहा लिखने पर पाबंदी है
ये टूटे फूटे मन के भावो को पढ़कर भी
लोग कहते है मधुलेश तेरी भी तो चाँदी है
एम के पाण्डेय निल्को


 

मुक्तक – नज़र निल्को की मैंने शीर्षक ही रख लिया

दिल मे कोई प्रेम रत्न धन रख लिया
उनके लिए लिख , उनका भी मन रख लिया
ऐसी नजरों से घूरते है वो मुझको
की नज़र निल्को की’ मैंने शीर्षक ही रख लिया

एम के पाण्डेय निल्को

मुक्तक – चाँद की चादनी मे नहाती रही

चाँद की चादनी मे नहाती रही

सारी रात मुझे वो जगाती रही

प्यार से ज़रा छु लिया था होठो को उसके

और निल्को की धुन वो अब तक गाती रही

एम के पाण्डेय निल्को


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