Tag Archives: by VMW Team

Rajasthan 12th Board Result 2016

We are informing you all RBSE students, Rajasthan Board 12th Result 2016 declared on 16th May 2016 at 6:00PM Today. As Board of secondary education Rajasthan announce the exact date we will update here. We are reuqestiing your all students belongs from scince, commerce and arts stream please keep patience. Firstly Rajasthan Boardannounced Commerce Result 2016 and after that science result 2016 and arts result 2016. For viewing the RBSE 12th Result 2016 online connected with us. We will update the 12th result 2016 BSER here on the same time when board update it on the official website rajresults.nic.in 


Check here



भोजपुरी गजल

गजल

@font-face { font-family: “Mangal”;}@font-face { font-family: “Cambria Math”;}@font-face { font-family: “Verdana”;}p.MsoNormal, li.MsoNormal, div.MsoNormal { margin: 0in 0in 0.0001pt; font-size: 20pt; font-family: “Arial”,”sans-serif”; }.MsoChpDefault { font-size: 10pt; }div.Section1 { page: Section1; }

आज दीपावली ह. चारू ओर मेला के धूम-धाम के बीच मां  के होड बचपन में बहुत रहे .लेकिन आज गोरखपुर में रहला के बावजूद हम इ आनंद से अछूत बानी काहे कि इहां दीपावली के नाम पर राम लीला तक ही लोग अपने के सीमित राखे ला.मकान के सारा लोग ए गहमागहमी के हिस्सा बने चल गईल बा .हम घर में बैठ के ब्लॉग लिखतानी. हमर रूचि भीड-भाड वाला जगह पर जाए से बचे में ही ज्यादा ह .
 
अभी तक ब्लॉग पर बहुत कुछ लिखल गईल लेकिन हम अबकी दाव भोजपुरी के एगो काफ़ी समर्थ गीतकार, कवि, गजललेखक, साहित्य के सब विधा पर समान रूप से लेखनी चलावेवाला श्री दिनेश भ्रमर के कुछ भोजपुरी रचना दे तानी.भोजपुरी आ हिन्दी साहित्य पर बराबर अधिकार रखे वाला श्री दिनेश जी के कई गो रचना देश के विश्वविधालय के पाठ्यक्रम में भी लागल बा आउर बहुत किताब भी इहां के लिखले बानी.ज्योतिष पर भी इनकर काफ़ी अच्छा पकड बा. महाविधालय में कुछ दिन व्याख्याता पद पर काम कइला के बाद उहां के वर्तमान में खेती-बाडी के काम अपन आवास स्थान बगहा में रह के  देखतानी.
  भोजपुरी साहित्य में गजल आउर रूबाई के जगह दिवावे में इनकर महत्वपूर्ण नाम लेवल जाला. इनकर रचित कुछ निमन-निमन रचना अपना हिसाब से दे तानी अपनहूं लोगन के ई स्वच्छ-सुंदर आ शिष्ट रचना जरूर पसंद आई.
      गजल
आंख में आके बस गइल केहू,
प्रान हमरो परस गइल केहू.
हमरे लीपल पोतल अंगनवां में,
बन के बदरा बरस गइल केहू.
गोर चनवा पै सांवर अंधेरा,
देखि के बा तरस गइल केहू.
फूल त कांट से ना कहलस कुछु,
झूठे ओकरा पे हंस गइल केहू.
कठ के जब बजल पिपिहरी तब,
बीन के तार कस गइल केहू.


       रूबाई
मन के बछरू छ्टक गइल कइसे,
नयन गगरी ढरक गइल कइसे.
हम ना कहनी कुछु बयरिया से,
उनके अंचरा सरक गइल कइसे.

           गजल
नजरिया के बतिया नजरिया से कहि द,
ना चमके सोनहुला किरनिया से कहि द.
          नयन में सपनवां बनल बाटे पाहुन,
          सनेसवा जमुनियां बदरिया से कहि द.
लिलारे चनरमा के टिकुली बा टहटह,
लुका जाय कतहूं अन्हरिया से कहि द.
          न आवेले सब दिन सुहागिन ई रतिया,
          तनी कोहनाइल उमिरिया से कहि द.
नयन के पोखरिया भइल बाटे लबलब,
ना झलके भरलकी गगरिया से कहि द.
       दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

नर्वदेश्वर पाण्डेय  देहाती