Tag Archives: नरेंद्र मोदी

मोदीजी को बधाई

मोदीजी को बधाई
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     बहस बहुत बधाई .लोक सभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के लिए .  वैसे मोदी को समर्थन करने के नाते इस देश की बहुसंख्यक जनता को बहुत गालियाँ , अपशब्द सुनने पड़े हैं. चोचलेबाज विपक्षियों के . अंधभक्त कहकर अपमानित किया गया . सच्चे हिन्दुस्तानियों को देशभक्ति के लिए विपक्षी जलील करते रहे . और सभी मोदी के गुणों की समर्थक जनता मौन-मुखर दोनों तरह से सहती रही है । एक महिला नेता  आपको थप्पड़ (प्रजातंत्र का )  मारने की कहकर सरेआम हिंसक और असंसदीय हुई थी । अब जनता ने सबको एक साथ जवाब दे दिया है ।  “चौकीदार चोर है” कहनेवाले की बोलती बंद करदी है ।  आप के हर कार्य पर सही का ठप्पा लगाया है इसलिए बधाई ।

.               पुलवामा काण्ड पर घेरने की साजिश करने वाले , पाकिस्तान के भरोसे मोदी को हराने की साजिश करने वाले , जनता को भ्रम मे डालने की कोशिश करने वालों को जनता ने घेरे मे रख दिया है ।रफाल पर जनता  को बर्गलाने की साजिश विपक्ष के काम नहीं आयी . जनता ने अंततः मोदी पर भरोसा किया ।

         देश के विखण्डन , भेदभाव पूर्णव्यवहार, और सरकार को चलने मे जगह-जगह रोड़ा अटका कर जनता के बीच झूठ फैला कर येनकेनप्रकारेण सत्ता पर काबिज होने के लिए  सेना, मान. सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ईवीएम  को दोष देने वालों की जनता ने एक न चलने दी .
आगे के लिए यह सभी के लिए लेसन हैं । जातिवाद वर्गवाद की दीवार तोड़कर जनता ने मोदी को अपनाया है ।अत: आगामी पाँच वर्षों के लिए पुनः एक सक्षम सरकार  को ध्यान में रखकर मोदी जी को कोटिश: बधाइयाँ । 
शुभमस्तु ।

                     —  —  –हरि शरण ओझा ।

जवानों के काफिले पर हमला कई जवान शहीद, आखिर कब तक??

मेरी अश्रुपूरित श्रदांजलि उन अमर शहीद सैनिकों को ,और उनके परिवारजनों की ओर से सुनी कोखों और कलाइयों का दर्द आपके सामने , शेयर करें अगर देश से प्यार है ताकि फिर एक सर्जीकल स्ट्राइक हो

बहुत हो रहा समझौता इन दो कौड़ी के नागों से।
फिर कहता हूँ न हल निकलेगा मीठी मीठी बातों से।।
घर मे घुसकर इनको मारो दम दिखलाओ मोदी जी।
या फिर सत्ता करो हवाले सैनिक को तुम मोदी जी।।
राजनीति के बस में कुछ न राजनीति ही दिखती है।
देश भूलकर सारी कोशिस मुद्दों पर ही टिकती है।।
समझौता क्यों मुद्दों खातिर सैनिक की है लाशों से।
रोज रोज है कोख उजड़ती चरण चाटती बातों से।।
कुछ कुत्ते दाखिल हो जाते सीमा के दरवाजों से।
तेरे cctv कँहा गए क्या लगे हुए दरबारों में।।
कहते थे सीमा पर कोई नहीं परिंदा पर मारे।
एक के बदले 10 सर लेंगे लगते थे ऐसे नारे।।
कोख पूछती तुमसे है क्यों बार बार सैनिक मरता।
कहते रहते हो मोदी से अखिल विश्व हलहल कँपता।।
अगर इंच है 56 वाला तो दिखला दो मोदी जी।
दूध छठी का नामर्दों को चलो पिला दो मोदी जी।।
आगे आगे मैं जाऊँगा कसम सैन्य की खाता हूँ।
पाकिस्तान पर गर हमले का एक निमंत्रण पाता हूँ।।
एक बार घर मे घुस करके इनका दमन जरूरी है।
इनके काले मंसूबों पर काला कफन जरूरी है।।
बस इक मौका सेना को दो पाकिस्तान मिटाने का।
माँ का जितना दूध पिया है उसका कर्ज निभाने का।।

जय हिंद! जय भारत
योगेश योगी किसान
9755454999

पुलवामा में हुये शहीदों को नमन बंदे मातरम् – सरिता कोहिनूर

भारत माता पर न्यौछावर, वीर सपूत हुये बलिदान।
उनकी शहादत याद रखेगा,युगों युगों तक हिंदुस्तान।
पुलवामा में आंतकी ने,जो हरकत दिख लाई है,
भारत माता के सीने में, दर्द कि आग जलाई है।
खैर नहीं अब ओ नापाकी,तू तो अपनी गिनती गिन
होगें अनाथ बच्चे भी तेरे,बालिद और आका के बिन।
इस दहशत गर्दी से भारत,अब न डरने वाला है,
भारत माता का हर बेटा,सरहद पर मरने वाला है
काश्मीर की पावन धरती भारत का स्वाभिमान है।
जब तक तन में साँसे बाकी,वो पोरुष का अभिमान है।
तुमने अठरह मारे है हम भी अठ्ठाइस ले लेगें।
खून का बदला खून ही होगा,अब हम गम को न झेलेगें।

बंदे मातरम्

सरिता कोहिनूर

सुकुमा नक्सली हमले मे 26 जवानों की शहादत पर आक्रोश जताती मेरी रचना – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

(सुकुमा नक्सली हमले मे 26 सीआरपीएफ़ जवानों की शहादत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से आक्रोश जताती मेरी रचना – एम के पाण्डेय निल्को’)


बहुत सुन चुके जुमले
कहो कैसी लाचारी है ?
हर घटना पर निंदा मंत्री
अब कुछ करने की बारी है
खोल दो हाथ तो
नहीं मार पाएगा कोई पर परिंदा
आप करते रहे केंद्र मे रहकर
बस कठोर से कठोर निंदा
मोदी जी क्या आप बरता सकते है
आखिर 26 शेरो के हत्यारे
क्यो है अब तक ज़िंदा ?
आप कहते है हम सेना का
बड़ा सम्मान रखते है
पर विपदा की इस घड़ी में
हम अलग अरमान रखते है
सत्ता के आगे आप सभी
नशे मे चूर लगते है
पता नहीं किस बात पर
बड़े मजबूर लगते है
लड़ोगे क्या तुम पाकिस्तान और आतंकवाद से
मार दिया घर मे ही तुम्हारे इस नकस्लवाद ने
शहादत शहीदो की निल्को
सियासी खेल लगती है
सारी रक्षा नीतिया
मुझे फेल लगती है
रंगा है खून से आज
फिर अपने माटी को
साप सूंघ गया है क्या
56 इंच के छती को
एम के पाण्डेय निल्को


(कृपया रचनाकार का नाम न हटाए और मूल रूप से ही शेयर करे ।)




इक दो कौड़ी का जेहादी,सैनिक को थप्पड़ मार गया

कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर्दा अलगाववादियों की समर्थक

हिंसक भीड़ ने अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड कर उठाया। डियो में हिंसक भीड़ दो सुरक्षाकर्मियों को बुरी तरह पीटती हुई नजर आती है तथा सुरक्षाकर्मी भीड़ का प्रतिरोध करने की बजाए निरीह प्राणियों की तरह मार खा रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लडक़े एक सीआरपीएफ जवान को लातों से पीट रहे हैं और जवान है कि मार खा रहा है। एक वीडियो है जिसमें डयूटी से लौट रहे जवानों के लडक़ों की भीड़ चल रही है। लडक़े बार-बार जवानों को उकसाते हुए कह रहे हैं कि गो इंडिया गो, जालिमों कश्मीर छोड़ दो। कुछ लडक़े जवानों की हेल्मेट उतार रहे हैं तो कुछ लडक़ों ने उनकी शील्ड तक छीन ली। एक लडक़े ने एक जवान का स्लीपिंग बैग भी नीचे गिरा दिया। भीड़ में शामिल एक लडक़ा उत्तेजित हो जवानों को गाली देते हुए मारपीट करने लगता है,लेकिन उसका दूसरा साथी उसे रोक लेता है। जवान देश की रक्षा के लिए हैं अपमान का घूंट पीने के लिए नहीं लेकिन कश्मीर जैसे संवेदनशील जगह पर शांति बनी रहे इसलिए हमारे देश के जवान अदम्य साहस के साथ अटूट धैर्य का परिचय देते हैं

Startup India, Stand Up India

आजकल हर तरफ स्टार्टअप इंडिया के चर्चे हैं। अगर आप भी स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले इन के बारे में जरूर पढ़ लीजिए, जिनसे स्टार्टअप शुरू करने के दौरान आपका सामना होगा। फ्रांसीसी शब्द ऑन्त्रेप्रनोर व्यापार जगत में आजकल खूब चलन में है। प्रबंधन प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ इसमें दो प्रमुख बातों का होना बताते हैं। पहला किसी उद्यम का नया या नवोन्वेषी होना और दूसरा जोखिम उठाने या घाटा उठाने का हौसला होना। स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया, भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिये मोदी सरकार द्वारा चलाया गया नया अभियान है। इस योजना के अनुसार, कम्पनियों को प्रोत्साहन दिया जायेगा ताकि वो अधिक रोजगार को सृजन कर सके। स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया अभियान युवाओं (विशेष रुप से महिलाएं, दलित या आदिवासी) को शुरुआत के लिए बैंक वित्त पोषण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया जाएगा।
ये पहल स्टार्ट-अप्स को नये कारोबार की शुरुआत में सहायता करने में सरकार की ओर से किया गया एक प्रभावी प्रयास है विशेषरुप नये विचारों को रखने वालों के लिये। ये छोटे और बड़े स्तर के उद्यमियों के स्तर को सुधारने में मदद करने के साथ ही दूसरों के लिये रोजगार के नये अवसरों का निर्माण करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी बैंकों से कम से कम एक दलित और एक महिला उद्यमी को अपना व्यवसाय खोलने के लिये प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया है। भारत में नये विचारों के साथ प्रतिभासंपन्न और कुशल युवाओं की कोई कमी नहीं है, हांलाकि, उन्हें आगे बढ़ने के लिये कुछ प्रभावी समर्थन की आवश्यकता है। सभी आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईएम, एनआईटी और भारत के अन्य संस्थानों को सीधे इस अभियान के सफल प्रक्षेपण के लिए एक दूसरे से जोड़ा जाएगा।

स्टार्टअप एक्शन प्लान की मुख्य बातें-

  •  सेल्फ सर्टिफिकेट आधारित कमप्लायंस की व्यवस्था
  •  तीन साल तक कोई इंस्पेक्शन नहीं
  •  स्टार्टअप के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल एप
  •  छोटे फॉर्म के जरिए ई-रजिस्ट्रेशन
  •  स्टार्टअप के लिए एग्जि‍ट की भी व्यवस्था होगी
  •  पेटेंट फीस में 80 फीसदी की कटौती
  •  इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी के लिए कानूनी मदद
  •  स्टार्टअप से प्रॉफिट पर तीन साल तक टैक्स नहीं
  •  प्रमुख शहरों में सलाह के लिए निशुल्क व्यवस्था
  •  स्टापर्टअप इंडि‍या हब के तहत सिंगल प्वागइंट ऑफ कॉन्टैाक्ट
  •  हैंडहॉल्डिं्ग की व्येवस्थाा की जाएगी
  •  सार्वजनि‍क और सरकारी खरीद में स्टातर्टअप को छूट मि‍लेगी
  •  10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा, इसमें हर साल 2500 करोड़ रुपये का फंड स्टा1र्टअप्सक को दि‍ए जाएंगे
  •  चार साल तक 500 करोड़ रुपये प्रति‍वर्ष का क्रेडि‍ट गारंटी फंड बनाया जाएगा
  •  शेयर मार्केट वैल्यूो से ऊपर के इन्वेरस्टरमेंट पर टैक्सग में छूट दी जाएगी
  •  अटल इनोवेशन मिशन की शुरुआत, इसके तहत स्टारर्टअप को कंपटेटिव बनाना होगा
  •  एंटरप्रेन्योर के नेटवर्क को बनाया जाएगा, स्टा‍र्टअप को सीड कैपिटल देने के साथ कई अन्यड सुविधाएं
  •  35 नए इन्यूवर्कबेशन सेंटर खोले जाएंगे
  •  बच्चोंय में इनोवेशन बढ़ाने के लिए इनोवेशन कोर प्रोग्राम शुरू होगा
  •  5 लाख स्कूचलों के 10 लाख बच्चोंप की पहचान की जाएगी जो इनोवेशन को आगे बढ़ा सकें
  •  अपनी प्रॉपर्टी को बेच कर स्टा र्टअप शुरू करने पर कैपि‍टल गेन टैक्सज की छूट दी जाएगी
स्टार्टअप के मामले में भारत अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे नंबर पर है. साल 2015 में 4536 लोगों ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कदम रखा. साल 2013 में ये संख्या 3451 थी, जबकि 2011 में 791 लोगों ने अपना बिजनेस शुरू किया. भारत में स्टार्ट अप का कॉन्सेप्ट भले ही नया हो. लेकिन विदेशों में इसका चलन पहले से ही है. स्टार्ट अप कार्यक्रम में अमेरिका की सिलिकॉन वैली के 40 सीईओ ने हिस्सा लिया. इनमें सॉफ्ट बैंक सीईओ मासायोसी सन, उबर फाउंडर ट्राविस कालानिक, वीवर्क फाउंडर एडम न्यूमैन भी शामिल हैं दरसअल नयापन, जो स्टार्ट अप इंडिया की नींव है, उसके लिए ज्ञान की नहीं, एक अन्तर्दृष्टि की जरूरत होती है। इस अन्तर्दृष्टि का संबंध मस्तिष्क से न होकर भावना एवं अवचेतन तथा अचेतन मन से होता है। मन के इसी स्तर को भारतीय दर्शन अपनी तरह से आत्मा कहता है, अध्यात्म कहता है। इस स्तर पर विचार पलते-बढ़ते नहीं हैं, बल्कि कौंधते हैं। जब एक बार यह कौंध पकड़ में आ जाती है, तो वही बढ़कर नवीन बन जाता है।
इस लिहाज से स्टार्ट अप इंडिया के बारे में कहा जा सकता है कि इसके लिए भारत की चेतना की जमीन सबसे अधिक उपजाऊ जमीन है, क्योंकि यह देश मूलत: एक आध्यात्मिक देश है तथा यदि इस अभियान को बहुआयामी (मल्टी डायमेंशनल) तरीके से अपनाया गया, तो यह भारत को फिर से विश्व-गुरु के पद के निकट ले जाने में सहायक हो सकता है। इस रूप में यह अभियान आर्थिक से कहीं अधिक बौद्धिक भूमिका निभाने वाला सिद्ध होगा।

एम के पाण्डेय ‘निल्को’

(युवा ब्लॉगर)

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बुलेट ट्रेन

जैसे ही ट्रेन रवाना होने को हुई, एक औरत और उस का पति एक ट्रंक लिए डिब्बे में घुस पडे़। दरवाजे के पास ही औरत तो बैठ गई पर आदमी चिंतातुर खड़ा था। जानता था कि उसके पास जनरल टिकट है और ये रिज़र्वेशन डिब्बा है। टीसी को टिकट दिखाते उसने हाथ जोड़ दिए।

“ये जनरल टिकट है। अगले स्टेशन पर जनरल डिब्बे में चले जाना। वरना आठ सौ की रसीद बनेगी।” कह टीसी आगे चला गया।

पति-पत्नी दोनों बेटी को पहला बेटा होने पर उसे देखने जा रहे थे।

सेठ ने बड़ी मुश्किल से दो दिन की छुट्टी और सात सौ रुपये एडवांस दिए थे। बीबी व लोहे की पेटी के साथ जनरल बोगी में बहुत कोशिश की पर घुस नहीं पाए थे। लाचार हो स्लिपर क्लास में आ गए थे।

“साब, बीबी और सामान के साथ जनरल डिब्बे में चढ़ नहीं सकते। हम यहीं कोने में खड़े रहेंगे। बड़ी मेहरबानी होगी।”

टीसी की ओर सौ का नोट बढ़ाते हुए कहा।

“सौ में कुछ नहीं होता।आठ सौ निकालो वरना उतर जाओ।”

“आठ सौ तो गुड्डो की डिलिवरी में भी नहीं लगे साब। नाती को देखने जा रहे हैं। गरीब लोग हैं, जाने दो न साब।” अब कि बार पत्नी ने कहा।

“तो फिर ऐसा करो, चार सौ निकालो। एक की रसीद बना देता हूँ, दोनों बैठे रहो।”

“ये लो साब, रसीद रहने दो।दो सौ रुपये बढ़ाते हुए आदमी बोला।

“नहीं-नहीं रसीद दो बनानी ही पड़ेगी। देश में बुलेट ट्रेन जो आ रही है। एक लाख करोड़ का खर्च है। कहाँ से आयेगा इतना पैसा? रसीद बना-बना कर ही तो जमा करना है। ऊपर से आर्डर है।रसीद तो बनेगी ही। चलो, जल्दी चार सौ निकालो वरना स्टेशन आ रहा है, उतर कर जनरल बोगी में चले जाओ।” इस बार कुछ डांटते हुए टीसी बोला।

आदमी ने चार सौ रुपए ऐसे दिए मानो अपना कलेजा निकाल कर दे रहा हो। पास ही खड़े दो यात्री बतिया रहे थे। “ये बुलेट ट्रेन क्या बला है ?”

“बला नहीं जादू है जादू। बिना पासपोर्ट के जापान की सैर। जमीन पर चलने वाला हवाई जहाज है, और इसका किराया भी हबाई सफ़र के बराबर होगा, बिना रिजर्वेशन उसे देख भी लो तो चालान हो जाएगा। एक लाख करोड़ का प्रोजेक्ट है। राजा हरिश्चंद्र को भी ठेका मिले तो बिना एक पैसा खाये खाते में करोड़ों जमा हो जाए।
सुना है, “अच्छे दिन” इसी ट्रेन में बैठकर आनेवाले हैं।”

उन की इन बातों पर आस पास के लोग मजा ले रहे थे। मगर वे दोनों पति-पत्नी उदास रुआंसे ऐसे बैठे थे मानो नाती के पैदा होने पर नहीं उसके सोग में जा रहे हो। कैसे एडजस्ट करेंगे ये चार सौ रुपए? क्या वापसी की टिकट के लिए समधी से पैसे मांगना होगा?

नहीं-नहीं।

आखिर में पति बोला- “सौ- डेढ़ सौ तो मैं ज्यादा लाया ही था। गुड्डो के घर पैदल ही चलेंगे। शाम को खाना नहीं खायेंगे। दो सौ तो एडजस्ट हो गए। और हाँ, आते वक्त पैसिंजर से आयेंगे। सौ रूपए बचेंगे। एक दिन जरूर ज्यादा लगेगा। सेठ भी चिल्लायेगा। मगर मुन्ने के लिए सब सह लूंगा। मगर फिर भी ये तो तीन सौ ही हुए।”

“ऐसा करते हैं, नाना-नानी की तरफ से जो हम सौ-सौ देनेवाले थे न, अब दोनों मिलकर सौ देंगे। हम अलग थोड़े ही हैं। हो गए न चार सौ एडजस्ट।”

पत्नी के कहा। “मगर मुन्ने के कम करना और पति की आँख छलक पड़ी।

“मन क्यूँ भारी करते हो जी। गुड्डो जब मुन्ना को लेकर घर आयेंगी; तब दो सौ ज्यादा दे देंगे।” कहते हुए उसकी आँख भी छलक उठी।
फिर आँख पोंछते हुए बोली- “अगर मुझे कहीं मोदीजी मिले तो कहूंगी-” इतने पैसों की बुलेट ट्रेन चलाने के बजाय, इतने पैसों से हर ट्रेन में चार-चार जनरल बोगी लगा दो, जिससे न तो हम जैसों को टिकट होते हुए भी जलील होना पड़े और ना ही हमारे मुन्ने के सौ रुपये कम हो। उसकी आँख फिर छलके पड़ी।

“अरी पगली, हम गरीब आदमी हैं, हमें मोदीजी को वोट देने का तो अधिकार है, पर सलाह देने का नहीं। रो मत”

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