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मोदीजी को बधाई

मोदीजी को बधाई
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     बहस बहुत बधाई .लोक सभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के लिए .  वैसे मोदी को समर्थन करने के नाते इस देश की बहुसंख्यक जनता को बहुत गालियाँ , अपशब्द सुनने पड़े हैं. चोचलेबाज विपक्षियों के . अंधभक्त कहकर अपमानित किया गया . सच्चे हिन्दुस्तानियों को देशभक्ति के लिए विपक्षी जलील करते रहे . और सभी मोदी के गुणों की समर्थक जनता मौन-मुखर दोनों तरह से सहती रही है । एक महिला नेता  आपको थप्पड़ (प्रजातंत्र का )  मारने की कहकर सरेआम हिंसक और असंसदीय हुई थी । अब जनता ने सबको एक साथ जवाब दे दिया है ।  “चौकीदार चोर है” कहनेवाले की बोलती बंद करदी है ।  आप के हर कार्य पर सही का ठप्पा लगाया है इसलिए बधाई ।

.               पुलवामा काण्ड पर घेरने की साजिश करने वाले , पाकिस्तान के भरोसे मोदी को हराने की साजिश करने वाले , जनता को भ्रम मे डालने की कोशिश करने वालों को जनता ने घेरे मे रख दिया है ।रफाल पर जनता  को बर्गलाने की साजिश विपक्ष के काम नहीं आयी . जनता ने अंततः मोदी पर भरोसा किया ।

         देश के विखण्डन , भेदभाव पूर्णव्यवहार, और सरकार को चलने मे जगह-जगह रोड़ा अटका कर जनता के बीच झूठ फैला कर येनकेनप्रकारेण सत्ता पर काबिज होने के लिए  सेना, मान. सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और ईवीएम  को दोष देने वालों की जनता ने एक न चलने दी .
आगे के लिए यह सभी के लिए लेसन हैं । जातिवाद वर्गवाद की दीवार तोड़कर जनता ने मोदी को अपनाया है ।अत: आगामी पाँच वर्षों के लिए पुनः एक सक्षम सरकार  को ध्यान में रखकर मोदी जी को कोटिश: बधाइयाँ । 
शुभमस्तु ।

                     —  —  –हरि शरण ओझा ।

जवानों के काफिले पर हमला कई जवान शहीद, आखिर कब तक??

मेरी अश्रुपूरित श्रदांजलि उन अमर शहीद सैनिकों को ,और उनके परिवारजनों की ओर से सुनी कोखों और कलाइयों का दर्द आपके सामने , शेयर करें अगर देश से प्यार है ताकि फिर एक सर्जीकल स्ट्राइक हो

बहुत हो रहा समझौता इन दो कौड़ी के नागों से।
फिर कहता हूँ न हल निकलेगा मीठी मीठी बातों से।।
घर मे घुसकर इनको मारो दम दिखलाओ मोदी जी।
या फिर सत्ता करो हवाले सैनिक को तुम मोदी जी।।
राजनीति के बस में कुछ न राजनीति ही दिखती है।
देश भूलकर सारी कोशिस मुद्दों पर ही टिकती है।।
समझौता क्यों मुद्दों खातिर सैनिक की है लाशों से।
रोज रोज है कोख उजड़ती चरण चाटती बातों से।।
कुछ कुत्ते दाखिल हो जाते सीमा के दरवाजों से।
तेरे cctv कँहा गए क्या लगे हुए दरबारों में।।
कहते थे सीमा पर कोई नहीं परिंदा पर मारे।
एक के बदले 10 सर लेंगे लगते थे ऐसे नारे।।
कोख पूछती तुमसे है क्यों बार बार सैनिक मरता।
कहते रहते हो मोदी से अखिल विश्व हलहल कँपता।।
अगर इंच है 56 वाला तो दिखला दो मोदी जी।
दूध छठी का नामर्दों को चलो पिला दो मोदी जी।।
आगे आगे मैं जाऊँगा कसम सैन्य की खाता हूँ।
पाकिस्तान पर गर हमले का एक निमंत्रण पाता हूँ।।
एक बार घर मे घुस करके इनका दमन जरूरी है।
इनके काले मंसूबों पर काला कफन जरूरी है।।
बस इक मौका सेना को दो पाकिस्तान मिटाने का।
माँ का जितना दूध पिया है उसका कर्ज निभाने का।।

जय हिंद! जय भारत
योगेश योगी किसान
9755454999

पुलवामा में हुये शहीदों को नमन बंदे मातरम् – सरिता कोहिनूर

भारत माता पर न्यौछावर, वीर सपूत हुये बलिदान।
उनकी शहादत याद रखेगा,युगों युगों तक हिंदुस्तान।
पुलवामा में आंतकी ने,जो हरकत दिख लाई है,
भारत माता के सीने में, दर्द कि आग जलाई है।
खैर नहीं अब ओ नापाकी,तू तो अपनी गिनती गिन
होगें अनाथ बच्चे भी तेरे,बालिद और आका के बिन।
इस दहशत गर्दी से भारत,अब न डरने वाला है,
भारत माता का हर बेटा,सरहद पर मरने वाला है
काश्मीर की पावन धरती भारत का स्वाभिमान है।
जब तक तन में साँसे बाकी,वो पोरुष का अभिमान है।
तुमने अठरह मारे है हम भी अठ्ठाइस ले लेगें।
खून का बदला खून ही होगा,अब हम गम को न झेलेगें।

बंदे मातरम्

सरिता कोहिनूर

सुकुमा नक्सली हमले मे 26 जवानों की शहादत पर आक्रोश जताती मेरी रचना – एम के पाण्डेय ‘निल्को’

(सुकुमा नक्सली हमले मे 26 सीआरपीएफ़ जवानों की शहादत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से आक्रोश जताती मेरी रचना – एम के पाण्डेय निल्को’)


बहुत सुन चुके जुमले
कहो कैसी लाचारी है ?
हर घटना पर निंदा मंत्री
अब कुछ करने की बारी है
खोल दो हाथ तो
नहीं मार पाएगा कोई पर परिंदा
आप करते रहे केंद्र मे रहकर
बस कठोर से कठोर निंदा
मोदी जी क्या आप बरता सकते है
आखिर 26 शेरो के हत्यारे
क्यो है अब तक ज़िंदा ?
आप कहते है हम सेना का
बड़ा सम्मान रखते है
पर विपदा की इस घड़ी में
हम अलग अरमान रखते है
सत्ता के आगे आप सभी
नशे मे चूर लगते है
पता नहीं किस बात पर
बड़े मजबूर लगते है
लड़ोगे क्या तुम पाकिस्तान और आतंकवाद से
मार दिया घर मे ही तुम्हारे इस नकस्लवाद ने
शहादत शहीदो की निल्को
सियासी खेल लगती है
सारी रक्षा नीतिया
मुझे फेल लगती है
रंगा है खून से आज
फिर अपने माटी को
साप सूंघ गया है क्या
56 इंच के छती को
एम के पाण्डेय निल्को


(कृपया रचनाकार का नाम न हटाए और मूल रूप से ही शेयर करे ।)




इक दो कौड़ी का जेहादी,सैनिक को थप्पड़ मार गया

कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर्दा अलगाववादियों की समर्थक

हिंसक भीड़ ने अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड कर उठाया। डियो में हिंसक भीड़ दो सुरक्षाकर्मियों को बुरी तरह पीटती हुई नजर आती है तथा सुरक्षाकर्मी भीड़ का प्रतिरोध करने की बजाए निरीह प्राणियों की तरह मार खा रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लडक़े एक सीआरपीएफ जवान को लातों से पीट रहे हैं और जवान है कि मार खा रहा है। एक वीडियो है जिसमें डयूटी से लौट रहे जवानों के लडक़ों की भीड़ चल रही है। लडक़े बार-बार जवानों को उकसाते हुए कह रहे हैं कि गो इंडिया गो, जालिमों कश्मीर छोड़ दो। कुछ लडक़े जवानों की हेल्मेट उतार रहे हैं तो कुछ लडक़ों ने उनकी शील्ड तक छीन ली। एक लडक़े ने एक जवान का स्लीपिंग बैग भी नीचे गिरा दिया। भीड़ में शामिल एक लडक़ा उत्तेजित हो जवानों को गाली देते हुए मारपीट करने लगता है,लेकिन उसका दूसरा साथी उसे रोक लेता है। जवान देश की रक्षा के लिए हैं अपमान का घूंट पीने के लिए नहीं लेकिन कश्मीर जैसे संवेदनशील जगह पर शांति बनी रहे इसलिए हमारे देश के जवान अदम्य साहस के साथ अटूट धैर्य का परिचय देते हैं

Startup India, Stand Up India

आजकल हर तरफ स्टार्टअप इंडिया के चर्चे हैं। अगर आप भी स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले इन के बारे में जरूर पढ़ लीजिए, जिनसे स्टार्टअप शुरू करने के दौरान आपका सामना होगा। फ्रांसीसी शब्द ऑन्त्रेप्रनोर व्यापार जगत में आजकल खूब चलन में है। प्रबंधन प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ इसमें दो प्रमुख बातों का होना बताते हैं। पहला किसी उद्यम का नया या नवोन्वेषी होना और दूसरा जोखिम उठाने या घाटा उठाने का हौसला होना। स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया, भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिये मोदी सरकार द्वारा चलाया गया नया अभियान है। इस योजना के अनुसार, कम्पनियों को प्रोत्साहन दिया जायेगा ताकि वो अधिक रोजगार को सृजन कर सके। स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया अभियान युवाओं (विशेष रुप से महिलाएं, दलित या आदिवासी) को शुरुआत के लिए बैंक वित्त पोषण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया जाएगा।
ये पहल स्टार्ट-अप्स को नये कारोबार की शुरुआत में सहायता करने में सरकार की ओर से किया गया एक प्रभावी प्रयास है विशेषरुप नये विचारों को रखने वालों के लिये। ये छोटे और बड़े स्तर के उद्यमियों के स्तर को सुधारने में मदद करने के साथ ही दूसरों के लिये रोजगार के नये अवसरों का निर्माण करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी बैंकों से कम से कम एक दलित और एक महिला उद्यमी को अपना व्यवसाय खोलने के लिये प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया है। भारत में नये विचारों के साथ प्रतिभासंपन्न और कुशल युवाओं की कोई कमी नहीं है, हांलाकि, उन्हें आगे बढ़ने के लिये कुछ प्रभावी समर्थन की आवश्यकता है। सभी आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईएम, एनआईटी और भारत के अन्य संस्थानों को सीधे इस अभियान के सफल प्रक्षेपण के लिए एक दूसरे से जोड़ा जाएगा।

स्टार्टअप एक्शन प्लान की मुख्य बातें-

  •  सेल्फ सर्टिफिकेट आधारित कमप्लायंस की व्यवस्था
  •  तीन साल तक कोई इंस्पेक्शन नहीं
  •  स्टार्टअप के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल एप
  •  छोटे फॉर्म के जरिए ई-रजिस्ट्रेशन
  •  स्टार्टअप के लिए एग्जि‍ट की भी व्यवस्था होगी
  •  पेटेंट फीस में 80 फीसदी की कटौती
  •  इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी के लिए कानूनी मदद
  •  स्टार्टअप से प्रॉफिट पर तीन साल तक टैक्स नहीं
  •  प्रमुख शहरों में सलाह के लिए निशुल्क व्यवस्था
  •  स्टापर्टअप इंडि‍या हब के तहत सिंगल प्वागइंट ऑफ कॉन्टैाक्ट
  •  हैंडहॉल्डिं्ग की व्येवस्थाा की जाएगी
  •  सार्वजनि‍क और सरकारी खरीद में स्टातर्टअप को छूट मि‍लेगी
  •  10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा, इसमें हर साल 2500 करोड़ रुपये का फंड स्टा1र्टअप्सक को दि‍ए जाएंगे
  •  चार साल तक 500 करोड़ रुपये प्रति‍वर्ष का क्रेडि‍ट गारंटी फंड बनाया जाएगा
  •  शेयर मार्केट वैल्यूो से ऊपर के इन्वेरस्टरमेंट पर टैक्सग में छूट दी जाएगी
  •  अटल इनोवेशन मिशन की शुरुआत, इसके तहत स्टारर्टअप को कंपटेटिव बनाना होगा
  •  एंटरप्रेन्योर के नेटवर्क को बनाया जाएगा, स्टा‍र्टअप को सीड कैपिटल देने के साथ कई अन्यड सुविधाएं
  •  35 नए इन्यूवर्कबेशन सेंटर खोले जाएंगे
  •  बच्चोंय में इनोवेशन बढ़ाने के लिए इनोवेशन कोर प्रोग्राम शुरू होगा
  •  5 लाख स्कूचलों के 10 लाख बच्चोंप की पहचान की जाएगी जो इनोवेशन को आगे बढ़ा सकें
  •  अपनी प्रॉपर्टी को बेच कर स्टा र्टअप शुरू करने पर कैपि‍टल गेन टैक्सज की छूट दी जाएगी
स्टार्टअप के मामले में भारत अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे नंबर पर है. साल 2015 में 4536 लोगों ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कदम रखा. साल 2013 में ये संख्या 3451 थी, जबकि 2011 में 791 लोगों ने अपना बिजनेस शुरू किया. भारत में स्टार्ट अप का कॉन्सेप्ट भले ही नया हो. लेकिन विदेशों में इसका चलन पहले से ही है. स्टार्ट अप कार्यक्रम में अमेरिका की सिलिकॉन वैली के 40 सीईओ ने हिस्सा लिया. इनमें सॉफ्ट बैंक सीईओ मासायोसी सन, उबर फाउंडर ट्राविस कालानिक, वीवर्क फाउंडर एडम न्यूमैन भी शामिल हैं दरसअल नयापन, जो स्टार्ट अप इंडिया की नींव है, उसके लिए ज्ञान की नहीं, एक अन्तर्दृष्टि की जरूरत होती है। इस अन्तर्दृष्टि का संबंध मस्तिष्क से न होकर भावना एवं अवचेतन तथा अचेतन मन से होता है। मन के इसी स्तर को भारतीय दर्शन अपनी तरह से आत्मा कहता है, अध्यात्म कहता है। इस स्तर पर विचार पलते-बढ़ते नहीं हैं, बल्कि कौंधते हैं। जब एक बार यह कौंध पकड़ में आ जाती है, तो वही बढ़कर नवीन बन जाता है।
इस लिहाज से स्टार्ट अप इंडिया के बारे में कहा जा सकता है कि इसके लिए भारत की चेतना की जमीन सबसे अधिक उपजाऊ जमीन है, क्योंकि यह देश मूलत: एक आध्यात्मिक देश है तथा यदि इस अभियान को बहुआयामी (मल्टी डायमेंशनल) तरीके से अपनाया गया, तो यह भारत को फिर से विश्व-गुरु के पद के निकट ले जाने में सहायक हो सकता है। इस रूप में यह अभियान आर्थिक से कहीं अधिक बौद्धिक भूमिका निभाने वाला सिद्ध होगा।

एम के पाण्डेय ‘निल्को’

(युवा ब्लॉगर)

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बुलेट ट्रेन

जैसे ही ट्रेन रवाना होने को हुई, एक औरत और उस का पति एक ट्रंक लिए डिब्बे में घुस पडे़। दरवाजे के पास ही औरत तो बैठ गई पर आदमी चिंतातुर खड़ा था। जानता था कि उसके पास जनरल टिकट है और ये रिज़र्वेशन डिब्बा है। टीसी को टिकट दिखाते उसने हाथ जोड़ दिए।

“ये जनरल टिकट है। अगले स्टेशन पर जनरल डिब्बे में चले जाना। वरना आठ सौ की रसीद बनेगी।” कह टीसी आगे चला गया।

पति-पत्नी दोनों बेटी को पहला बेटा होने पर उसे देखने जा रहे थे।

सेठ ने बड़ी मुश्किल से दो दिन की छुट्टी और सात सौ रुपये एडवांस दिए थे। बीबी व लोहे की पेटी के साथ जनरल बोगी में बहुत कोशिश की पर घुस नहीं पाए थे। लाचार हो स्लिपर क्लास में आ गए थे।

“साब, बीबी और सामान के साथ जनरल डिब्बे में चढ़ नहीं सकते। हम यहीं कोने में खड़े रहेंगे। बड़ी मेहरबानी होगी।”

टीसी की ओर सौ का नोट बढ़ाते हुए कहा।

“सौ में कुछ नहीं होता।आठ सौ निकालो वरना उतर जाओ।”

“आठ सौ तो गुड्डो की डिलिवरी में भी नहीं लगे साब। नाती को देखने जा रहे हैं। गरीब लोग हैं, जाने दो न साब।” अब कि बार पत्नी ने कहा।

“तो फिर ऐसा करो, चार सौ निकालो। एक की रसीद बना देता हूँ, दोनों बैठे रहो।”

“ये लो साब, रसीद रहने दो।दो सौ रुपये बढ़ाते हुए आदमी बोला।

“नहीं-नहीं रसीद दो बनानी ही पड़ेगी। देश में बुलेट ट्रेन जो आ रही है। एक लाख करोड़ का खर्च है। कहाँ से आयेगा इतना पैसा? रसीद बना-बना कर ही तो जमा करना है। ऊपर से आर्डर है।रसीद तो बनेगी ही। चलो, जल्दी चार सौ निकालो वरना स्टेशन आ रहा है, उतर कर जनरल बोगी में चले जाओ।” इस बार कुछ डांटते हुए टीसी बोला।

आदमी ने चार सौ रुपए ऐसे दिए मानो अपना कलेजा निकाल कर दे रहा हो। पास ही खड़े दो यात्री बतिया रहे थे। “ये बुलेट ट्रेन क्या बला है ?”

“बला नहीं जादू है जादू। बिना पासपोर्ट के जापान की सैर। जमीन पर चलने वाला हवाई जहाज है, और इसका किराया भी हबाई सफ़र के बराबर होगा, बिना रिजर्वेशन उसे देख भी लो तो चालान हो जाएगा। एक लाख करोड़ का प्रोजेक्ट है। राजा हरिश्चंद्र को भी ठेका मिले तो बिना एक पैसा खाये खाते में करोड़ों जमा हो जाए।
सुना है, “अच्छे दिन” इसी ट्रेन में बैठकर आनेवाले हैं।”

उन की इन बातों पर आस पास के लोग मजा ले रहे थे। मगर वे दोनों पति-पत्नी उदास रुआंसे ऐसे बैठे थे मानो नाती के पैदा होने पर नहीं उसके सोग में जा रहे हो। कैसे एडजस्ट करेंगे ये चार सौ रुपए? क्या वापसी की टिकट के लिए समधी से पैसे मांगना होगा?

नहीं-नहीं।

आखिर में पति बोला- “सौ- डेढ़ सौ तो मैं ज्यादा लाया ही था। गुड्डो के घर पैदल ही चलेंगे। शाम को खाना नहीं खायेंगे। दो सौ तो एडजस्ट हो गए। और हाँ, आते वक्त पैसिंजर से आयेंगे। सौ रूपए बचेंगे। एक दिन जरूर ज्यादा लगेगा। सेठ भी चिल्लायेगा। मगर मुन्ने के लिए सब सह लूंगा। मगर फिर भी ये तो तीन सौ ही हुए।”

“ऐसा करते हैं, नाना-नानी की तरफ से जो हम सौ-सौ देनेवाले थे न, अब दोनों मिलकर सौ देंगे। हम अलग थोड़े ही हैं। हो गए न चार सौ एडजस्ट।”

पत्नी के कहा। “मगर मुन्ने के कम करना और पति की आँख छलक पड़ी।

“मन क्यूँ भारी करते हो जी। गुड्डो जब मुन्ना को लेकर घर आयेंगी; तब दो सौ ज्यादा दे देंगे।” कहते हुए उसकी आँख भी छलक उठी।
फिर आँख पोंछते हुए बोली- “अगर मुझे कहीं मोदीजी मिले तो कहूंगी-” इतने पैसों की बुलेट ट्रेन चलाने के बजाय, इतने पैसों से हर ट्रेन में चार-चार जनरल बोगी लगा दो, जिससे न तो हम जैसों को टिकट होते हुए भी जलील होना पड़े और ना ही हमारे मुन्ने के सौ रुपये कम हो। उसकी आँख फिर छलके पड़ी।

“अरी पगली, हम गरीब आदमी हैं, हमें मोदीजी को वोट देने का तो अधिकार है, पर सलाह देने का नहीं। रो मत”

‘मेक इन इण्डिया’….. अच्छा है।

मेक इन इण्डिया का नारा अच्छा है। 
काम भी होगा यह विश्वास अच्छा है।
जैसे ही घोषणा हुई दिल्ली के विज्ञान भवन में
मिलेगी नौकरी बेराजगारो को, यह विचार अच्छा है
विश्व स्तर पर निवेश पटल का नया चेहरा 
अर्थव्यवस्था का दिल धडकना अच्छा है
आयेगे अब गौर इस भारत में,
किस्तमत के कारखानों का चरमराना अच्छा है
माना कि हम थोडी देर से आये
किन्तु बिना भरोसे का चाइनीज नही
मंगल मिशन की कामयाबी का ताजा उदाहरण अच्छा है
दुनिया को शून्य हमने दिया है।
अन्तर्राष्ट्र्ीय स्तर पर यह पहचान अच्छा है। 
पहली बार देश को प्रधानमंत्री ऐसा मिला है।
जिस पर लोगों का विश्वाश अच्छा है।
दिमाग में उठती है जब इन बातों की गुफ्तगु
तो ‘निल्को’ ने कहा कि इनको कागज पर मूर्तरूप देना ही अच्छा है
                                                       
एम. के. पाण्डेय निल्को

हमारी सरकार – केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विभाग

केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विभाग
प्रधान मंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन 
परमाणु ऊर्जा विभाग
अंतरिक्ष विभाग
सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे तथा 
किसी अन्य मंत्री को आवंटित न किए गए
अन्य सभी मंत्रालय

कैबिनेट मंत्री
1
श्री राजनाथ सिंह
गृह
2
श्रीमती सुषमा स्वराज
विदेश
प्रवासी भारतीय मामले
3
श्री अरुण जेटली
वित्त
कारपोरेट मामले 
रक्षा
4
श्री एम. वैंकैय्या नायडू
शहरी विकास 
आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन 
संसदीय कार्य
5
श्री नितिन जयराम गडकरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
जहाजरानी
6
श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा
रेल
7
सुश्री उमा भारती
जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा पुनरूद्धार
8
डॉ. नजमा ए. हेपतुल्ला
अल्पसंख्यक मामले
9
श्री गोपीनाथ मुण्डे
ग्रामीण विकास
पंचायती राज
पेयजल एवं स्वच्छता
10
श्री राम विलास पासवान
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
11
श्री कलराज मिश्र
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
12
श्रीमती मेनका संजय गांधी
महिला एवं बाल विकास
13
श्री अनंत कुमार
रसायन एवं उर्वरक
14
श्री रविशंकर प्रसाद
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी 
कानून एवं न्याय
15
श्री अशोक गजपति राजू पुसपति
नागरिक उड्डयन
16
श्री अनंत गीते
भारी उद्योग एवं लोक उद्यम
17
श्रीमती हरसिमरत कौर बादल
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
18
श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
खान
इस्पात
श्रम एवं रोजगार
19
श्री जुएल उरांव
जनजातीय मामले
20
श्री राधा मोहन सिंह
कृषि
21
श्री थावरचन्द गेहलोत
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
22
श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी
मानव संसाधन विकास
23
डॉ. हर्ष वर्धन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
राज्य मंत्री
1
जनरल वी के सिंह
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार)
विदेश 
प्रवासी भारतीय मामले
2
श्री इन्द्रजीत सिंह राव
योजना (स्वतंत्र प्रभार)
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन (स्वतंत्र प्रभार)
रक्षा
3
श्री संतोष गंगवार
वस्त्र (स्वतंत्र प्रभार)
संसदीय कार्य
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरूद्धार
4
श्री श्रीपद यसो नायक
संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार)
पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
5
श्री धर्मेन्द्र प्रधान
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
6
श्री सर्बानन्द सोनवाल
कौशल विकास, उद्यमिता, युवा मामले तथा खेल (स्वतंत्र प्रभार)
7
श्री प्रकाश जावड़ेकर
सूचना एवं प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार)
पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार)
संसदीय कार्य
8
श्री पीयूष गोयल
विद्युत (स्वतंत्र प्रभार)
कोयला (स्वतंत्र प्रभार)
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
9
डॉ. जितेन्द्र सिंह
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार)
पृथ्वी-विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार)
प्रधान मंत्री कार्यालय
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन
परमाणु ऊर्जा विभाग
अंतरिक्ष विभाग
10
श्रीमती निर्मला सीतारमण
वाणिज्य एवं उद्योग (स्वतंत्र प्रभार)
वित्त 
कारपोरेट मामले
11
श्री जी.एम. सिद्धेश्वर
नागरिक उड्डयन
12
श्री मनोज सिन्हा
रेल
13
श्री निहालचन्द
रसायन एवं उर्वरक
14
श्री उपेन्द्र कुशवाहा
ग्रामीण विकास
पंचायती राज
पेयजल एवं स्वच्छता
15
श्री राधाकृष्णन पी.
भारी उद्योग एवं लोक उद्यम
16
श्री किरण रिजीजू
गृह
17
श्री कृष्ण पाल
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
जहाजरानी
18
डॉ. संजीव कुमार बालियान
कृषि
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
19
श्री मनसुखभाई धनजीभाई वसावा
जनजातीय मामले
20
श्री रावसाहेब दादाराव दानवे
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
21
श्री विष्णु देव साय
खान
इस्पात
श्रम एवं रोजगार
22
श्री सुदर्शन भगत
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एनडीए की पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए

 
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प्रधानमंत्री- श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी


भारत की महान परम्पराओं एवं संस्कारों का पालन करने करने वाले नेता “श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी” को देश के “प्रधानमंत्री” बनने पर बहुत बहुत बधाईया !! – VMW Team

क्या है धारा 370

स्वतंत्रता के बाद छोटी-छोटी रियासतों को भारतीय संघ शामिल किया गया। जम्मू-कश्मीर को भारत के संघ में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने के ‍पहले ही पाकिस्तान समर्थित कबिलाइयों ने उस पर आक्रमण कर दिया। उस समय कश्मीर के राजा हरि सिंह कश्मीर के राजा थे। उन्होंने कश्मीर के भारत में विलय का प्रस्ताव रखा।  तब इतना समय नहीं था कि कश्मीर का भारत में विलय करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके। हालात को देखते हुए गोपालस्वामी आयंगर ने संघीय संविधान सभा में धारा 306-ए, जो बाद में धारा 370 बनी, का प्रारूप प्रस्तुत किया। इस तरह से जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों से अलग अधिकार मिल गए। धारा ३७० भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद (धारा) है जिसे अंग्रेजी में आर्टिकल 370 कहा जाता है। इस धारा के कारण ही जम्मू एवं कश्मीर राज्य को सम्पूर्ण भारत में अन्य राज्यों के मुकाबले विशेष अधिकार अथवा (विशेष दर्ज़ा) प्राप्त है। देश को आज़ादी मिलने के बाद से लेकर अब तक यह धारा भारतीय राजनीति में बहुत विवादित रही है। भारतीय जनता पार्टी एवं कई राष्ट्रवादी दल इसे जम्मू एवं कश्मीर में व्याप्त अलगाववाद के लिये जिम्मेदार मानते हैं तथा इसे समाप्त करने की माँग करते रहे हैं। भारतीय संविधान में अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबन्ध सम्बन्धी भाग २१ का अनुच्छेद ३७० जवाहरलाल नेहरू के विशेष हस्तक्षेप से तैयार किया गया था। स्वतन्त्र भारत के लिये कश्मीर का मुद्दा आज तक समस्या बना हुआ है

क्या हैं अधिकार : 
 
भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। 

 वित्तीय आपातकाल लगाने वाली धारा 360 भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होती। 

 जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा है। 

 भारत की संसद जम्मू-कश्मीर में रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा कोई अन्य कानून नहीं बना सकती।

 धारा 356 लागू नहीं, राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं। 

 कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहरी से शादी करती है तो उसकी कश्मीर की नागरिकता छिन जाती है। 

 जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन नहीं लग सकता है।

विशेष अधिकार धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।
इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती।
इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।
1976 का शहरी भूमि क़ानून जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।
इसके तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि ख़रीदने का अधिकार है। यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते।
भारतीय संविधान की धारा 360 जिसमें देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती।
जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय करना ज़्यादा बड़ी ज़रूरत थी और इस काम को अंजाम देने के लिये धारा 370 के तहत कुछ विशेष अधिकार कश्मीर की जनता को उस समय दिये गये थे।

अबकी बार मोदी सरकार!



क्या दिल्ली ,क्या काशी , 
मोदी को चुनेगा .हर भारतवासी ,
अबकी बार मोदी सरकार …..
युवराज बन गया पप्पू यार…..अबकी बार मोदी सरकार!!
देश न बने पप्पू इस बार….अबकी बार मोदी सरकार!!
नहीं चाहिये कोई ख़ैरात, बहुत
देखी तेरी बारात! बस चाहिये
सुरक्षा, सु़विधा, सुअवसर के हालात!
बाक़ी दम रखते है यार,
अबकी बार मोदी सरकार!
मंदर,डाक्टर, दफ़्तर, बार,
हर जगह बड़ी क़तार!
पंडीत,कंपौडर,चपरासी, साकी,
कोई नहीं है ज़िम्मेवार!
शायद अब सुधरे हालात,
अबकी बार मोदी सरकार!
भैंस आजम को छोड़ गयीं!!
सांड़ ने मुलायम के हेलिकोप्टर को रोक दिया!!
यानि……
पशु पक्षी की भी यही पुकार, अबकी बार मोदी सरकार!

Madhulesh Pandey Nilco

बनारस में ‘चायवाला’ के सामने ‘पानवाला’

 भाजपा अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के ‘चाय वाले’ की पृष्ठभूमि पर ‘चाय पर चर्चा’ आयोजनों के जरिए मतदाताओं को जोड़ने में लगी है। वाराणसी में उनके मुकाबले उतरे सपा उम्मीदवार कैलाश चौरसिया लोगों को उनके पारिवारिक पेशे ‘पान वाले’ को भुनाने में लग गए हैं।

चौरसिया कहते हैं कि मोदी यदि कभी ‘चाय’ बेचते रहे हैं तो वे अपनी ’चाय वाले’ की पृष्ठभूमि को भुना रहे हैं। हमारे पुरखे तो ‘पान’ बेचने के धंधे में रहे है और उसी तर्ज पर हम ‘पान वाला’ अभियान पर निकल पड़े हैं।

उत्तरप्रदेश सरकार में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री चौरसिया ने कहा, मैंने भी बहुत सालों तक पान बेचा है और पान बेचना तो हमारा पुश्तैनी व्यवसाय है।

उन्होंने कहा कि मोदी जहां एक तरफ लोगों से ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए संवाद कर रहे है। उनकी कोशिश अधिक से अधिक पान वालों से सीधे संवाद स्थापित करने की है। इसलिए भी कि इसमें निजत्व का अहसास होता है।

चौरसिया ने कहा, मैं मोदी की तरह हवा-हवाई में भरोसा नहीं करता, जो भारी धनराशि खर्च करके अपने प्रचार के लिए ‘चाय पर चर्चा’ कर रहे हैं। मेरा मकसद इस तरह के बेकार प्रचार पर धन खर्च करना नहीं है कि खुद को टीवी पर दिखाए और अखबारों में विज्ञापन दें। यह पैसा गरीबों की सहायता में, उनके इलाज में, शादी-विवाह में सहायता के रूप में खर्च किया जाना बेहतर है।

चौरसिया की ‘पान वाला’ पृष्ठभूमि को चुनावी चर्चा में लाने के लिए सपा कार्यकर्ता मशहूर फिल्मी गाने ‘खईके पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अक्ल का ताला’, छोरा गंगा किनारे वाला’ गाते घूम रहे हैं और मोदी तथा केजरीवाल के वादों को खोखला बताते हुए लोगों से उनसे सावधान रहने की नसीहत दे रहे हैं।

चौरसिया यह आरोप भी लगा रहे है कि मोदी समर्थकों ने देवी-देवताओं के लिए मशहूर नारों और मंत्रों की तर्ज पर उनके समर्थन में नारे उछालकर देवी-देवताओं का अपमान किया है।

सपा के स्थानीय कार्यकर्ता किशन दीक्षित कहते हैं कि देवी दुर्गा और भगवान शंकर से मोदी की तुलना करके भाजपा कार्यकर्ताओं ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

उन्होंने कहा, हम भाजपाइयों के विपरीत ‘खईके पान बनारस वाला..’ गाने के साथ आम लोगों और पान वालों के बीच जाकर उनका समर्थन मांग रहे है। साथ ही लोगों को यह भी समझा रहे हैं कि हमारा उम्मीदवार इसी शहर का है और यहीं रहेगा, जबकि मोदी या केजरीवाल चुनाव बाद यहां से चले जाएंगे।

चौरसिया कहते हैं कि बनारस अपने बनारसी पान के लिए दुनिया में मशहूर है और बनारसी पान वाले के साथ चाय वाले का क्या मुकाबला। (साभार – वेब दुनिया )
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योगेश पाण्डेय 

                                                                                                

मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा!


नरेंद्र मोदी की आवाज में भाजपा का चुनावी गीत ‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’ अब देश भर में गूंजने के लिए तैयार है। ‘इस चुनावी गीत की शुरूआती लाइनें मोदी ने गाई हैं। बता दें, मैं देश नहीं झुकने दूंगा चुनावी गीत के बोल लिखे हैं जाने-माने गीतकार प्रसून जोशी ने, बॉलीवुड के गायक सुखविंदर ने आवाज दी है व संगीत तैयार किया है संगीतकार आदेश श्रीवास्तव ने।

गीत के हर पैरे की पहली लाइन मोदी की आवाज में होगी जबकि इसके बाद की पक्तियां सुखविंदर की आवाज में होंगी. उन्होंने कहा कि इस गीत का आडियो रेडियो पर रैलियों के दौरान तथा चुनाव क्षेत्रों में वाहनों पर लगाकर बजाया जायेगा. वीडियो रूप में इस गीत को चार हिस्सों में विभाजित किया गया है और इन अंशों को टेलीविजन पर विज्ञापन के रूप में दिखाया जायेगा. वीडियो में मोदी को हर पैरे की पहली लाइन बोलते हुए दिखाया गया है.  गीत इस तरह हैं –

सौगंध मुझे इस मिट्टी की



मैं देश नहीं मिटने दूंगा

मैं देश नहीं मिटने दूंगा

मैं देश नहीं झुकने दूंगा
मेरी धरती मुझ से पूछ रही
कब मेरा क़र्ज़ चुकाओगे
मेरा अम्बर मुझ से पूछ रहा
कब अपना धर्म निभाओगे
मैंने वचन दिया भारत मां को
तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो लूट रहे हैं सपनो को
मैं चैन से कैसे सो जाऊं
वो बेच रहे हैं भारत को
खामोश मैं कैसे हो जाऊं
हाँ मैंने कसम उठाई है
हाँ मैंने कसम उठाई है
मैं देश नहीं बिकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो जितने अँधेरे लायेंगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा
वो जितनी रात बढाएंगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा
इस छल फरेब की आंधी में
मैं दीप नहीं बुझने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
वो चाहते हैं जागे न कोई
बस रात का कारोबार चले
वो नशा बांटते जायें
और देश यूँही बीमार चले
पर जाग रहा है देश मेरा
पर जाग रहा है देश मेरा
हर भारतवासी जीतेगा
मैं देश नहीं रुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा
(अतरिक्त)
अब घड़ी फैसले की आयी
हमने है कसम अब खाई
हमें फिरसे दोहराना है
और खुद को याद दिलाना है
न भटकेंगे न अटकेंगे
कुछ भी हो इस बार
हम देश नहीं मिटने देंगे
माओं बहनों किस्मत पर
गिद्ध नज़र लगाये बैठे हैं
हर इन्सान है यहाँ डरा डरा
दिल में खौफ़ जमाये बैठे हैं
मैं अपने देश की धरती पर
अब दर्द नहीं उगने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा


प्रस्तुति : मधुलेश पाण्डेय निल्को 

हर – हर मोदी, घर – घर मोदी

मधुलेश पाण्डेय निल्को
अब दिख रही है असर
हो गए सब बेखबर
जबसे चली अनोखी लहर
किसी को लगने लगी है जहर
हर हर मोदी
घर घर मोदी का नारा है

पूरा भारतवर्ष हमारा है
विदेशी बाहर  जायेगे
मोदी को ही लायेगे
पप्पू घर को जायेगा
मोदी दिल्ली आएगा
निल्को ने भी अब ठाना है
वोट देने जाना है
बाकि सब पुराना है
सिर्फ लोकतंत्र ही हमारा हैं. 

# मधुलेश पाण्डेय निल्को 

 

देश की पुकार ……..नरेंद्र मोदी


देश की पुकार सुनो ,
जनता की आवाज़ सुनो ,
इधर – उधर , जहां तहाँ
मोदी की ही बात सुनो
लोक सभा चुनाव आने लगे
नेता भी अपनी – अपनी गाने लगे
रोज नए शिलान्यास करने लगे
नए सपने सजाने लगे और
लाल बत्ती की याद करने लगे
पर अभी एक लहर सी है
दूसरों के लिए जहर सी है
देश की पुकार साफ सुनाई दे रही
मोदी की एक विकल्प सही
नज़रे बोले दिल भी बोले
मोदी की ही बात सुने
अब तो निल्को की कलम भी
मोदी की तारीफ लिखे ……!

  मधुलेश पाण्डेय  निल्को  

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