नींद नहीं आती

हयात में जब मुश्किल तमाम आती है
मां की दुआ ही मुश्किल से बचाती है ,

उस रिज्क में कभी बरकत नहीं होती
जो रिज्क घर में हराम आती है ,

सुंकू कैसे मिलेगा तेरी हयात को
गर किसी मुफलिस का वो दिल दिल दुखाती है ,

जब किसी रात मुझको नींद नहीं आती
मां गोद में ले मुझे लोरी सुनाती है ,

बूढ़ा हो कर जवां हो जाता हूं ‘राकेश’
जब मां मुझे बेटा कह कर बुलाती है ,

राकेश कुमार मिश्रा

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s