क्रंदन …………Tripurendra Ojha NISHAAN

आ कर देख ले मुझपे सितम करने वाले ,
तेरे बिना दिन भी कट गया रात भी गुजर गई
इस खुशफहमी में कि तू मिलेगा मुझे
इन्तेजार करते करते एक  मुद्दत गुजर गई ,
अरे बेमुरव्वत जब तुझे कोई और मिला ,
तुझे लगा तेरी जिन्दगी संवर गई ?
मत रहना इस गफलत में अरे बेगैरत,
क्यों कि करेगा जब रुसवा तुझे
फिर न कहना मेरी जिन्दगी बिखर गई ,
किसी के अरमां कुचल के सपनो का ताजमहल बनाने वाले ,
तुझे न पता एक टूटे दिल कि आह से दुनिया सिहर गई ,
तुझमे औ मुझमे बड़ी समानता थी न ?
सो मेरी तरह तू भी खायेगा धोखा उसी से
जिस पर तू दिल ओ जान से मर गई …..:(

                                                               

***********

Tripurendra Ojha NISHAAN

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s