Monthly Archives: April 2013

पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव के मंच से ‘नमो मंत्र’

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हरिद्वार के पतंजली योगपीठ पहुंच गए हैं जहां वह रामदेव के स्कूल आचार्यकुलम का उद्घाटन करेंगे। नरेंद्र मोदी इस दौरान वहां मौजूद संतों को भी संबोधित करेंगे।
माना जा रहा है कि आचार्यकुलम के उद्धाटन के बहाने मोदी संतों के दिलों में उतरने की कोशिश करेंगे। इससे पहले मोदी छात्रों, महिलाओं और उद्योगपतियों को संबोधित कर चुके हैं। मोदी के इस कार्यक्रम के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं लेकिन रामदेव का कहना है कि अच्छे लोगों को प्रतिष्ठा मिलती है तो इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
मोदी की कोशिश है कि वह हर तबके के दिल में अपनी जगह बनाएं। इसी सिलसिले में मोदी हरिद्वार पहुंचे हैं लेकिन संतों का एक बड़ा धड़ा मोदी और बाबा रामदेव की मुखालफत में उतर आया है।
मोदी और रामदेव के मंच साझा करने का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस भी मोदी के विरोध का एलान कर चुकी है।
मोदी कहीं कदम रखे और भूचाल ना आए ऐसा शायद मुमकिन नहीं। हरिद्वार में भी बाबा रामदेव और नरेंद्र मोदी का मंच साझा करना संतों के एक बड़े धड़े को रास नहीं आ रहा। शुरू से ही संतों का एक बड़ा समूह बाबा रामदेव के विरोध में रहा है। अब बाबा रामदेव ने गंगा नगरी में मोदी को बुलाकर माहौल को और गरमा दिया है। कई संत रामदेव और मोदी के विरोध में उतर आए हैं।
संत समाज ने कार्यक्रम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हो तो भला कांग्रेस भी कहां पीछे रहने वाली थी। पार्टी नेताओं ने भी लगे हाथों मोदी पर निशाना साधने में देर नहीं लगाई। कांग्रेस का विरोध करना तो लाजिमी है लेकिन मोदी को लेकर संत समाज भी दो खेमों में बंट गया है जो मोदी के दिल्ली के सफर में मुश्किलें पैदा कर सकता है और शायद मोदी के मुरीद बाबा रामदेव को इससे भी पार पाना होगा।

live See Click Here http://www.turbotv.in/aastha-devotional-channel/
आज पतंजलि में संतो के द्वारा नरेन्द्र मोदी जी के राज्याभिषेक को देखकर दिल्ली में बैठी केंद्र की सरकार को दस्त शुरू हो गए है और कुछ लोगो को पुरे शरीर में जबरदस्त खुजली शुरू हो चुकी है

जब नरेन्द्र भाई मोदी जी बोलने आयेंगे तब इन खान्ग्रेस्सियो को कही ICU में भर्ती ना करवाना पड़े….

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें! धन्यवाद ………! VMW Team The Team With Valuable Multipurpose Work vmwteam@live.com +91-9044412246;+91-9044412223 +91-9024589902;+91-9261545777

ऑल इज वेल (ALL IS WELL)

कई दिनों से मेरे भाइयो /  दोस्तो ने
मुझे कहा – ऑल इज वेल “निल्को” ऑल इज वेल ।
मैंने कहा –
क्या तुम्हें लगता है की,
है सब कुछ ऑल इज वेल ?
भाई त्रिपुरेन्द्र ने कहा
मुन्नी बदनाम हुई , ऑल इज वेल ।
भाई अभिषेक ने कहा
शीला जवान हुई, ऑल इज वेल।
अचानक ही भाई ऋषिन्द्र बोले
अब तो मुन्नी हुई पुरानी, शीला की गई जवानी
शालू के ठुमके ही, ऑल इज वेल ।
इतने मे विनायक नर्सरी वाले विजय भाई जी पधारे,
और तपाक से बोले
अरे ये सब तो पुराने है , सब VMW Team के दीवाने है ।
अब सब बोलो ऑल इज वेल ।
भाई गजेंद्र जी लेट से आए और बोले –
क्या तुम्हें लगता है इस रेपिस्तान
है सब कुछ ऑल इज वेल ?
समर्थन मे योगेश जी भी उतरे,
अखबार के कुछ दिखाये क़तरे ।
और बड़े ज़ोर से बोले –
महगांई ने लूटा सबका चैन ,
दो जून की रोटी भी मन को कर रही बेचैन,
क्या यही है ऑल इज वेल ?
यह सब सुन मोहक ने भी मुह खोला ,
कई नेताओ का पोल खोला, और बड़े ज़ोर से बोला
गांधी अब हमारी कुटिया में नहीं आते
वह तो अफसरों, नेताओं, रसूखदारों,
अमीरों के यहां डेरा जमाए हैं,
जब भी हमने अपनी जेब में हाथ डाला,
बस चंद सिक्के ही पाए हैं।
क्या यही है ऑल इज वेल ?
गोरखपुर से देवेश भी आए
और अपनी बात कुछ इस तरह गाये –
देखता हूं चलन सियासत का,
हर कहीं बैर के बवंडर हैं।
फर्क ऊंचाइयों मे है लेकिन,
नीचता मे सभी बराबर हैं।
बात सुन कर सभी ताली बजाए ।
तभी मोहित भी आए ,
साथ मे नीलेश,आशुतोष, गिरिजेश
और सिद्देश बाबा को लाये ,
सब मिल कर नाचे गाये ,
एक सुंदर भारत बनाए ।
जहा न हो राजनीति की प्रतिस्परधा ,
ऐसा मेरा देश बनाए ,
फिर VMW Team  के साथ गाये –
ऑल इज वेल “मधुलेश” ऑल इज वेल ।

**********************

मधुलेश पाण्डेय “निल्को”
हरखौली,लार रोड,
सलेमपुर,देवरिया
उत्तर प्रदेश 




 मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें!
 धन्यवाद ………! 
 VMW Team 
 The Team With Valuable Multipurpose Work 
 vmwteam@live.com 
 +91-9044412246;
+91-9044412223
 +91-9024589902;
+91-9261545777

……बदल गया देखने का नज़रिया !

कई दिनों से किसी व्यक्ति विशेष पर रख रहा था नज़र
लेकिन हरकते देख कर
मन बोला
लोग बदले, ज़माने बदले
पर तुम न बदलो नज़रिया
क्योकि
तुम तो ठहरे ग्रामीण सहरिया
वे लोग जो भेष बदला करते है
‘निल्को’ उन्हें द रियल हीरो कहा करते है
जिनकी जिन्दगी ही फिल्मी हो जाये
अपने घर के ही पडोसी हो जाये
तो ‘मधुलेश’ की एक बात याद रखना
की कितना ही बड़ा पेड़ हो जाये ,
आखिर उसे गिरना तो आसमान में नहीं
धरती पर ही जगह मिलती है
इन सब बातो से लगा की
सचमुच ही जमाना भी तो बदल रहा है
किन्तु इस दौड़ में कम तो आप भी नहीं है
अब तो चार घंटे की ही चांदनी
के बाद अँधेरी काली रात है
फिर क्यों अपनो को पराये
बनाने के लिए लोग परेशान है
कविता तो शायद ‘सहज’ लगे
लेकिन इसका ‘श्रेय’ किसको जाता है
यह तो नज़रिये का खेल है
कभी ‘रियल’ तो कभी ‘आशियाना’ नज़र आता है .
v मधुलेश पाण्डेय निल्को

जिद करो लेकिन जिद्दी मत बनो

जिद करो दुनिया बदलो,
फिर ये संसार तुम्हारा है.

जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है,
अपने इरादों का इम्तहान बाकी है,
अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमी,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है!!




एक बस ख्याल तेरे ये रहे,
जिद तेरी ना हो जाये कम,
जिद का देगा जो पूरा साथ,
हार ना होगी कभी तेरे हाथ्,
तभी तो पूरा होगा ये नारा,
जिद करो दुनिया बदलो,
फिर ये संसार तुम्हारा है


जो है दिल में कर गुजरो,
किसी से भी ना तुम डरो,
बस अपने को रखो तुम,
हरकदम पर अपने साथ्,

एक जमाना वो भी था जब जिद करने पर बच्चों को मार पडती थी, और एक आज का जमाना है कि माता-पिता बच्चों के जिद ना करने पर नाराज होते हैं, ये ही तो दोड्ती भागती दुनिया का एक रूप है, माता-पिता करें भी तो क्या, चारों और ये ही हो रहा है, कुछ पाना है तो जिद करनी ही होगी.

पापा के आज जन्मदिन पर ……….

पूर्वाञ्चल का भोजपुरिया लाल – एन.डी. देहाती

  नर्वदेश्वर पाण्डेय (एन.डी. देहाती)

पूर्वाञ्चल की धरती पर अनेक ऐसे लाल हुये है जो देश के साहित्यिक  क्षैतिज पर ध्रुवतारे की तरह चमके है | ऐसे ही माटी मे पैदा हुए खाटी देहाती जी  ने बुलन्दियो को छूते हुये अपने गाँव देहात को हमेशा सुर्ख़ियो मे रखा | 1 अप्रैल 1960 को पूर्वाञ्चल के देवरिया जिले मे लार थाना क्षेत्र के हरखौली गाँव मे जन्मे नर्वदेश्वर पाण्डेय की प्रारम्भिक शिक्षा पास के गाँव रुच्चापार मे हुई | स्नातक तक की पढ़ाई पास के कस्बे लार के मठ डिग्री कॉलेज मे हुई | पढ़ाई के दौरान शौक से “देहाती” टाइटिल क्या लगाया देहाती बन कर रह गए | भोजपुरी साहित्य की सेवा मे उन्होने विभिन्न पत्र पत्रिकाओ के माध्यम से भूल रही लोक-संस्कृति, लोक-परंपरा, रीति-रिवाज,को समय-समय पर याद कराया है |

    देहाती जी का सृजन क्षेत्र काफी समृद्ध है | आत्म प्रचार के इस युग मे वह गुमनाम सा जीवन जीते है | पूर्वाञ्चल मे भोजपुरी साहित्य के सृजन मे उन्होने अपनी परंपरावों व धरोहरों के बारे मे खूब लिखा है | भोजपुरी साहित्य के लेखन मे उन्होने खूब नाम भी कमाया | फिर भी मंच और मुकाम के मामलो मे वह काफी पीछे रह गए है | उन्हे जो सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वह हकदार हैं वह नहीं मिला । इसके पीछे की वजह यह है की बाजारीकरण के इस दौर में वह मार्केटिंग से दूर रहते हैं।  स्वाभिमानी देहाती जी ने भोजपुरी साहित्य रचना के साथ खेतीबारी को ही प्राथमिकता दी | भोजपुरी के प्रति उनके समपर्ण ने उन्हे लोक भाषा के महाकवि कबीर के मार्ग का राहगीर बना दिया।
श्री देहाती जी का रचना संसार व्यंग से आच्छादित है । उन्होने सामाजिक व राजनीतिक मुद्दो पर बहुत व्यंग लिखा । गोरखपुर से प्रकाशित होने वाले सभी  समाचार पत्रों ने देहाती जी के व्यंगों को अपने यहाँ स्थायी कॉलम में स्थान दिया । आज में “लखेदुआ के चिट्ठी”, दैनिक जागरण में “देहाती जी के दिलग्गी”, अमर उजाला में “देहाती के पाती” व राष्ट्रीय सहारा में “देहाती क बहुबकी” उनके चर्चित कॉलम रहे हैं । यद्द्पि देहाती जी ने कोई खंडकाव्य या महाकाव्य नहीं रचा लेकिन उनकी चिंतन प्रधान रचनाओं को एकत्रित किया जाए तो किसी मोटे ग्रंथ से कम नहीं होगी । 1980 से लगातार भोजपुरी की धुन में रमे देहाती जी ने तीस वर्षो से साहित्य सेवा में भोजपुरी के प्रचार प्रसार के लिए खूब लिखा । भोजपुरी की अस्मिता के लिए, संस्कृति की रक्षा के लिए भोजपुरी कला कोहबर से भी सम्मानित किया गया है | मगहर महोत्सव व सरयू महोत्सव मे भी इन्होने अनेकों बार अपने भोजपुरी कविताओ से लोगो के मन को हर्षित किया है | होली समारोह, खेल कूद व विभिन्न कार्यक्रमों मे बतौर मुख्य अतिथि श्री देहाती जी को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ व अन्य विभिन्न संगठनो द्वारा सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह से अनेकों बार सम्मानित किया जा चुका है | उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ राज्य मंत्री राजेश त्रिपाठी ने सलेमपुर में आयोजित एक समहरोह में उन्हे भोजपुरी रत्न से सम्मानित किया है ।
 ब्राह्मण जाति मे जन्मे देहाती जी ने अपने धर्म को भी प्राथमिकता दी है | इन्होने जन्माष्टमी, होली, दीपावली, मकर-संक्रांति, नवरात्रि, आदि सभी त्यौहारो को बहुत है अच्छे ढंग से मनाया है | इन्होने अपने गाँव हरखौली मे फरवरी 1992 को ऐसा रुद्र माहयज्ञ का आयोजन कराया, जिसको लोग अभी तक भूले नहीं है | इन्होने गाय माता की रक्षा के लिए 1992 मे गोरक्षा समिति की स्थापना की | श्री देहाती जी ने अपनी कला को विरहा के रूप मे भी लोगो तक पहुचाया है | लोगो मे शांति, आस्था, भाईचारा, सहयोग की भावना बनाए रखने का संदेश 11 प्रान्तो मे अस्सी दिवसीय साइकिल यात्रा से दी है |
अपनी माटी से प्यार करने वाले संवेदनशील देहाती जी ने अपनी पूरी ऊर्जा भोजपुरी साहित्य सर्जना में लगाया | हम उनके बहुमूल्य योगदान को कभी भुला नहीं सकते, जिस छोटे स्थान से उन्होने पूर्वाञ्चल में इतना बड़ा नाम कमाया उनकी रचनाओ का सम्यक व संतुलित मूल्यांकन होना चाहिए था लेकिन भोजपुरी के लिए काम कर रही तमाम संस्थाओं में से किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया । इसका कारण यह भी है की सभी संस्थाएं किसी न किसी की कृपा पर चलती हैं और देहाती ऐसा अक्खड़मिजाज रचनाकार किसी का कृपापात्र नहीं बनना चाहता । वह व्यवस्था विरोधी रचनकर हैं | मेहनतकशों के लिए संघर्ष उनका ध्येय है । चमक-दमक से दूर गाँव में बैठा यह रचनाकार कभी थका नहीं | लगातार तीस वर्षो से अधिक लिख रहा है । अपने लेखो में किसी को छोड़ा भी नहीं है । जो भी निशाने पर चढ़ा व्यंगवाण का शिकार हुआ | भोजपुरी के विद्वान देहाती जी को सरस्वती सिद्ध माना जाता है ।
पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से पूर्वाञ्चल के लोग देहाती के नाम व उनकी रचना से खूब परिचित हुए हैं । आकाशवाणी गोरखपुर से प्रसारित विभिन्न भोजपुरी कार्यक्रमों में उनकी आवाज़ भी सुनी गयी है । भोजपुरी के इस रचनाकार को गाँव में ही अच्छा लगता है । उनके लेखों में तेलवान, भतवान, साइत, नेवान, सतुआन  आदि भूल रही परम्पराओं को कई बार याद दिलाया गया है । देहाती जी अपने साहित्य रचना के जरिये एक जंग लड़ रहे हैं । भोजपुरी की अस्मिता के लिए, संस्कृति की रक्षा के लिए, परम्पराओं व रीति-रिवाजों और भाईचारा को जीवित रखने की जंग ।

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, 
 और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें! 
 धन्यवाद ………! 
 VMW Team 
 The Team With Valuable Multipurpose Work 
 vmwteam@live.com 
 +91-9044412246;
+91-9044412223 
 +91-9024589902
;+91-9261545777