Monthly Archives: May 2011

गाछे कटहर, ओठे तेल…… पांव लागीं ए मलिकार…

एन. डी. देहाती

मन अगराइल जहिया हमरा पाती के जवाब राउर आइल। गदेलवा के बड़का बेटवा सांझि के बाजार से लौटल राउर चिट्ठी हमरा के दिहलस। पूछनी कि कहां से आइल बा बाबू? कहलस काका जी भेजले बानी। धधा के दउरनी पांड़े बाबा के दुआरी। दोगहे से हांक लगावे लगनी कनियवां, कहवां बाड़ू सन। बड़की आटा साने बइठल रहे। चिहा के पूछलसका भइल बहिना। हम कहनीउहां के चिट्ठी आइल बा। तोहरा लोगिन से जवन पाती लिखवावत रहनी हां, ओही के जवाब आइल बा। एतने में पढ़लकी पतोहिया घरे में से बोललस दीदी, एने आईं। उहां के अबहीं काम में बाझल बानी, ले आईं, हमहीं बांच दे तानी। गइनी लिफाफा खोल के बांचे लागल। राउर लइनिया जब पढ़लसकवनो कामयाब मरद के पीछे ओकरा मेहरारू के हाथ होलाका कहीं मलिकार, बिना कवनो कारन के आंख से झरझर लोर झरे लागल। रउरा हमरा के केतना बड़का ओहदा दे दिहनी छोट बुद्धि के औरत होके रउरा के हम केतना कोसत रहीले। माफ करेब मलिकार, अबहीं ले कवनो भूलचूक भइल होखे माफ करेब। आखिर हम औरते नू होईं, जेकरा बारे में लोग किसिमकिसिम के किस्सा गढ़ले बा। ओही में एगो नाक ना रहित औरतखैर हमरा एह बात के खूब खुशी भइल कि रउरा बड़का खातिर कंपुटरवा कीने के कहले बानी। बात ओकरा के बतवनी भर आंगन डांड़ डोला के खूब नचलस। मलिकार, अपना इहां जवन वोटवा होता, ओइमे कई गो पाटी खड़ा हो तारी सन? भुसावल सिंह के बड़ जाना दस दिन पहिले ले सोनिया गांधी के गुन गावत रहले हां। उनकर बाप सगरी गांव में ढोल बजावत फिरत रहले हां कि बेटवे के अबरी कांगरेस के टिकट मिली। अब सुने में आवता कि कवनो बहिन जी के पाटी में चल गइले। पहिले दुइएतीन गो पाटी के नाम हम सुनत रहनी हां, बाकिर अपना इहां अब बहिन जी, पासवान जी, लालू जी के नाम से लोग पाटी चीन्हतजानत बा। गांधी बाबा कांगरेस के सबसे बड़ आदमी रहले, रउरे हमरा के बतवले रहनी। बाकिर कांगरेस के केहू गांधी बाबा के नाम से जोड़ के ना देखे। अब सगरी पाटी अपना नेता के नाम से चिन्हात बाड़ी सन। बंगाल में कवनो एगो दीदी बाड़ी। उनहूं के कवनो एगो पाटी बा। एतने ले नानू मलिकार, नेतवा जीते के पहिलहीं कुरसियो बांट ले तारे सन। पिछलका बेर दिल्ली वाला चुनउवा में कवन एगो आडवानी जी बाड़े, अपना के परधानमंत्री मान लिहले रहले। अपना इहां लालू जी अपना के मुखमंत्री पहिलहीं मान लेले बाड़े। उनकरा संगे रहेवाला कवनो पासवान जी के भाई लालू जी के राज में उप मुखमंत्री होइहें। एही के कहल जालागाछे कटहर, ओठे तेल। चुनाव के बतकही अइसन बा मलिकार कि देखब ना, आपस में लोग मारकाट मचा ली। केहू जीते भा हारे, ओकरा से हमनी का का लेबेदेबे का बा। आपना वोट देबे के हक हमनी के बा। बाकिर इहवां कुकुरहपट मचल बा। एगो रात में सुतल हराम हो गइल बा। जवना गांव में दिनदुपहर एकाध गो मोटरसाइकिल आवतजात लउकत रहल हा, अब दिनरात चरपहिया गाड़ी दउरत बाड़ी सन। पोंपां अइसन कि काने फाट जाई। एग बेर रउरा चरपहिया लेके आइल रहनी। ओकर हारन बाजे दसबीस गज ले सुनाव। उहो कान के चदरा फारेवाला ना रहे। बाकिर का जाने कइसन हारन वाली गाड़ी लेके आवत बाड़े सन कि मन उबिया जाता। एतने ले रहित कवनो बात ना, सुतल रात में घरेघरे जाके लोग के जगावल भइया, काका, बाबा, दीदी, चाची। दुअरा निकलतेहम फलनिया हईं, हमरा एह चुनाव में टिकट मिलेवाला बा। तनी देखब, धेयान देब। पूछ दीं कि कवना पाटी से जवाब रकमरकम के। ओइसे लालटेन छाप वाला से टिकट पक्का बा, बाकिर दोसरो पाटी के टिकट मिल सकेला। दुइएचार दिन में फाइनल हो जाई। हम फेर आएब। मन में हंसियो आवेलाएकनी का ओह जमात के बाड़े सन, जवन भात खातिर जात नाशे में तनिको देर ना करे। बताईं अबहीं गाछ पर कटहर बा, एकनी का ओठ पर तेल लगवले घूमत बाड़े सन। जवन आदमी अपना पाटी, उसूल, ईमान के नइखे मलिकार, जीत गइला पर जनता खातिर का हो सकेला। इहे जवार के हाल बा मलिकार। पाती के जवाब देत रहेब। तनी आवहूं के बारे में विचारेब। रउरा खुदे समझदार बानी। रउरा के समझावे के औकात हमार नइखे। बरखाबूनीबाढ़ के टाइम बा। किसिमकिसम के बेमारी होली सन। खाएपीए के धेयान राखेब।

After 17 wives, UAE Man seek Indian spouse

Nilesh and Vijay

UAE national Daad Mohammed Al Balushi has 90 children from 17 wives. He also has 5 grandchildren. Another marriage is on the card in two days time-With a Pakistan national. But 65 year old Balushi is already- preferably from India. Speaking to VMW Team from Siddesh in the emirate of Ajman over phone he said : “I am visiting Jaipur next mouth to Replace a leg I lost in an accident with an artificial limb. During my trip to India I hope to find an India wife. All my wives are uneducated. I am looking for an Indian bride who is educated and is in the age group of 18 to 22.’’

Nilesh and Vijay

VMW Team

India’s New Invention

बढती हुई महंगाई …

बाये से : त्रिपुरेन्द्र और मधुलेश  

बढती हुई महंगाई ने आज आमआदमी की कमर तोड़ रख दी! केंद्र सरकार
को आवश्यक वस्तुओ के बड़ते मूल्यों की कोई परवा नहीं है! केंद्र से जब भी इस बात की पुष्टि करने के लिए कहा जाता है तो उनके पास घिसेपिटे जवाब के अलावा कुछ बोलने के लिए नहीं होता….कभी वो कम उत्पादन को जिम्मेदार ठहराती है तो कभी सरककर के रवैये को इससे आम जनता किस प्रकार प्रभावित हो रही है इससे उन्हें कुछ लेनादेना नहीं है……! ये तो आज हमें समझ आता है की मौसमी फलसब्जियों के उत्पादन,और उनकी उपलब्धता पर सरकार का ज्यादा जोर नहीं चल सकता | हमारी सरकार को इस चीज से  फर्क पड़ता है की जयपुर के गोल चक्कर पर रिक्शे खड़े हो…..नहीं तो उनके रिक्शे उठा लिए जाते है,और उन गरीबो के रिक्शों को तोड़ दिया जाता है ! लेकिन क्या सरकार ने महंगाई कम करने के लिए कुछ ठोस कदम अभी तक उठाये? इसका जवाब है की अभी तक हमारी सरकार ने इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये है ! यह हमारे देश के लिए शर्मनाक और लज्जाजनक है की ये सरकार तो खाद्यान्नों के संभावित उत्पाद का अनुमान लगाने में समर्थ है और ही समय पर आयात का फैसला कर पाने में! वो राज्य सरकारों इसके लए प्रेरित भी नहीं कर पा रही है,की वो जमाखोरी के खिलाफ कोई अभियान छेड़े ! समस्याए यह है की आम आदमी का साथ देने का दावा करने वाली केंद्र सरकार इस दिशा में इमानदारी से कोशिश करती भी नहीं दिख रही….अब तो ये समय गया है की आम आदमी के मुंह पर एक ही सवाल नजर रहा है की यदि केंद्र सरकार इन कारणों का निदान नहीं कर सकती तो इसके अस्तित्व में होने का क्या मतलब? अभी केंद्र सरकार के पास महंगाई को रोकने का कोई निष्कर्ष नहीं है,और आम जनता को …….

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Madhulesh and Tripurendra
VMW Team

काश ऐसा होता.. बेरोजगार कोई न होता

गजेन्द्र कुमार ओझा

काश ऐसा होता तो प्रत्‍येक गरीब एवं भूखे के घर में चूल्‍हा अवश्‍य जल सकता था सरकारी ऑकडों में कभी किसी को भूख से मरते हुए नहीं दिखाया जाता क्‍योंकि इससे कई बडे अफसरों की फजीहत हो जाने का खतरा रहता है आर्थिक तंगी से आत्‍महत्‍या करते लोगों के बारे में समाचार सुनने पढने को मिलते रहते है बेरोजगारी से तंग आकर से पूरे पूरे परिवार यह दुनिया छोड देते है और समाचार पत्र के एक कोने में स्‍थान बनाकर हमेशा के लिए विदा होना हो जाते हैं। उसी समाचार पत्र के मुखप्रष्‍ठ पर किसी नेता को देश में मंदी के बाबजूद रोजगार अवसरों में वढोत्‍तरी बताते हुये देख सकते हैं। आख‍िर देश की ऐसी तरक्‍की से किसी बेरोजगार को क्‍या फायदा। सरकार द्धारा चलाया जा रहा रोजगार विभाग सफेद हाथी बन गया है। कह सकते हैं कि रोजगार विभाग स्‍वंय बेरोजगार है एवं कुव्‍यवस्‍थाओं का शिकार है। है आश्‍चर्य कि जिस देश में बेरोजगारी अपने चरम पर हो एवं जहॉं सरकार का प्रत्‍येक कदम रोजगार के लिये उठाया जा रहा हो,वहॉं रोजगार विभाग के पास कोइ काम नहीं है। बेराजगारी का एक पक्ष यह भी है कि इस देश में जब तक किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिलती तब तक वह स्‍वंय को बेरोजगार ही समझता है,हालांकि कुछ समय से इस धारणा में परिवर्तन गया है।इसलिये बेरोजगारी के सही आंकडे उपलब्‍ध नहीं है, अडंर इम्‍पलायड लोग भी स्‍वंय को बेरोजगार मानते हैं। लेकिन सरकारी नौकरी का रूतबा अभी भी इतना ज्‍यादा है कि इसके प्राप्‍त करने के लिये जमीन बेचने, मॉंबहन के जेवर गिरबी रखने या सूद पर कर्ज लेने का कर्त्‍वय बहुत छोटी चीज है। इस सच को नकारना बहुत कठिन है। नीति नियंता जरूर सत्‍ता की हनक में इससे शुतुरमुर्गी अदांज में मुंह मोड सकते हैं। अभी भी ऐसा लग रहा है कि बेरोजगारी के अनेक आयाम मेरे सोच के दायरे से छूट रहे हैं। इस रोग की इतनी गजब दास्‍तां है कि सुनते सुनाते आप नींद के आगोश में जा सकते हैं। 
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GAJENDRA KUMAR OJHA
VMW TEAM
INDIA’S NEW INVENTION 

देवी देवताओं के फोटो का उटपटांग इस्तेमाल

मधुलेश पाण्डेय
त्रिपुरेन्द्र ओझा

देवी देवताओं के फोटो का उटपटांग इस्तेमाल पर कई बाद विवाद हो चुका है लेकिन सस्ती लोकप्रियता के लिए लोग आस्था को अपने फैशन का हिस्सा बनाने से नहीं चुकते। VMW TEAM के मधुलेश और त्रिपुरेन्द्र की एक रिपोर्ट …..
     पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया में हुए एक फैशन शो में मॉडलों की ड्रेस ने बवाल मचा दिया है। सिडनी में हुए एक फैशन शो में डिजाइनर लीजा ब्लू ने जो कलेक्शन पेश किया उसमें हिंदू देवी लक्ष्मी के चित्रों को अश्लील तरीके से इस्तेमाल किया गया था। जैसे ही इस शो की तस्वीरें बाहर आईं डिजाइनर लीजा ब्लू की इस घिनौनी हरकत का विरोध शुरू हो गया। दुनिया भर के हिंदू संगठन इसकी निंदा कर रहे हैं। वहीं डिजाइनर का कहना है कि वह गणेश जी से प्रभावित होकर ऐसा किया है।  हिंदू देवी देवताओं के चित्र छापने के मामले में ऑस्ट्रेलियाई फैशन डिजाइनर लीसा ब्लू के माफी मांगने के बावजूद तमाम संगठनों का विरोध जारी है। विश्व हिंदू परिषद ( वीएचपी ) और बंजरंग दल के पदाधिकारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। बीजेपी ने भी इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है।  स्विमशूट पर देवी लक्ष्मी के चित्रों पर खड़ा हुआ बवाल अभी थमा भी नहीं था कि अब भारतीय फैशन डिजायनर मनीष अरोड़ा ने ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। मनीष द्वारा तैयार किए गए समर कलेक्शन के लेगिंग, हैरम पैंट स्कर्ट पर भगवान शिव के चित्र छापने से हिंदू समुदाय में काफी रोष है। गौरतलब है कि मनीष अरोड़ा ने विदेशों में नया कलेक्शन लॉन्च किया है। इसके तहत कंपनी की वेबसाइट पर ऑर्डर देकर मिनी स्कर्ट, हैरम पैंट लेगिंग को हासिल किया जा सकता है। इन सभी कपड़ों पर नृत्य करते हुए भगवान शिव अर्थात नटराज का चित्र छपे हैं मनीष के डिजायन पर शिव के चित्र छापे जाने से देश ही नहीं विदेशों में रहने वाले हिंदू समुदाय में भी काफी रोष् है। वि एम् डब्लू टीम प्रखुम योगेश जी कहते है की  भगवान  शिव को हिंदुओं के बीच बहुत पूजनीय माना जाता है। उन्हें मंदिरों और घरों में पूजा जाता है। उनकी तस्वीरों को कपड़ों पर छापना सवर्था गलत है। हम ये बर्दाश्त नहीं कर सकते कि शिव के चित्र वाले कपड़ों को पैरों या निचले हिस्सों में पहना जाए। वि एम् डब्लू टीम के नेबुलाल यादव  ने कहा कि डिजायनर मनीष अरोड़ा को हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए समुदाय से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

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MADHULESH AND TRIPURENDRA
VMW TEAM
INDIA’S NEW INVENTION
+91-9024589902; +91-9044412246,45,27,23
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