विश्व कप – 2011

 गुरुवार से शुरू होने जा रहे ‘क्रिकेट महाकुम्भ’ आईसीसी विश्व कप – 2011 के दौरान क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां अपने-अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटरों पर रहेगी, वहीं तमाम स्टार जिस ट्रॉफी के लिए आपस में भिड़ेंगे, उसकी हैसियत भी किसी सुपरस्टार से कम नहीं VMW Team का एक विश्लेषण …
नीरज मिश्रा के अनुसार विश्‍व कप की प्रबल दावेदार मानी जा रही टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं। पिछले दो अभ्‍यास मैचों में मिली जबरदस्‍त जीत, टीम की मजबूती, ज्‍योतिषियों की भविष्‍यवाणी और सट्टा बाजार का रुख भी टीम इंडिया के पक्ष में है। इस तरह सारी परिस्थितियां भारतीय टीम के पक्ष में हैं और इस पर यदि टीम मैदान में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करती है तो टीम इंडिया को 28 साल बाद एक बार फिर विश्‍व विजयी बनने से कोई नहीं रोक सकता।

रवि गुप्ता कहते है की गुरुवार से शुरू होने जा रहे ‘क्रिकेट महाकुम्भ’ आईसीसी विश्व कप – 2011 के दौरान क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां अपने-अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटरों पर रहेगी, वहीं तमाम स्टार जिस ट्रॉफी के लिए आपस में भिड़ेंगे, उसकी हैसियत भी किसी सुपरस्टार से कम नहीं…विश्‍व कप की प्रबल दावेदार मानी जा रही टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं। पिछले दो अभ्‍यास मैचों में मिली जबरदस्‍त जीत, टीम की मजबूती, ज्‍योतिषियों की भविष्‍यवाणी और सट्टा बाजार का रुख भी टीम इंडिया के पक्ष में है। इस तरह सारी परिस्थितियां भारतीय टीम के पक्ष में हैं और इस पर यदि टीम मैदान में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करती है तो टीम इंडिया को 28 साल बाद एक बार फिर विश्‍व विजयी बनने से कोई नहीं रोक सकता।

टी. के.ओझा “नीशू” कहते है की स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि कपिल देव की अगुवाई वाली टीम की 1983 की जीत ने भारत में हमेशा के लिए क्रिकेट का स्वरूप बदल दिया और यह देश की क्रिकेट इतिहास में अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि है। उस समय महज 10साल के तेंदुलकर ने भारत के विश्व विजेता बनने का जश्न रातभर मनाया था।

प्रशांत यादव कहते है की आज बांग्‍लादेश में क्रिकेट विश्‍व कप का रंगारंग आगाज होने जा रहा है और 19 फरवरी को भारत-बांग्‍लादेश मैच के साथ ही कप के लिए जंग शुरू हो जाएगी। वर्ल्ड कप में इस बार इंडिया पर सबसे बड़ा दांव खेलने की तैयारी की जा रही है। क्रिकेट के इस महाकुंभ में करोड़ों रुपए का सट्टा लगाने की तैयारी है। सट्टा बाजार में इस बार टीम इंडिया पर 3/1 का दांव लगाया है और वह सबसे ऊपर बना हुआ है। इसका मतलब हुआ कि टीम इंडिया पर एक रुपए लगाने पर तीन रुपए मिलेंगे। दूसरे नंबर पर श्रीलंका ( 9/2)और तीसरे पर साऊथ अफ्रीका पर दांव लगा है। सट्टा बाजार ने वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही केन्या, कनाडा व नीदरलैंड को मैदान से बाहर मान लिया है, इन तीनों टीमों पर 1000/1 का दांव है। 19 फरवरी को उद्घाटन मैच में भारत व बांग्लादेश में भारत पर 1/10 और बांग्लादेश पर 6/1 का दांव है यानि भारत की जीत सट्टा बाजार में तय मानी जा रही है।
वही रुपेश तिवारी कहते है की विजेता चाहे जो भी रहे, लेकिन अंतिम पलों में फोटोग्राफर सबसे अधिक तस्वीरें इसी ट्रॉफी की लेने वाले हैं… यही नहीं, 2 अप्रैल को देर रात तक और 3 अप्रैल की सुबह देश और दुनिया के तमाम टेलीविजन चैनल, समाचारपत्र और वेब पोर्टलों पर विजेता टीम के साथ-साथ जिस चीज़ का बोलबाला रहेगा, वह यही ट्रॉफी होगी… 11 किलोग्राम वजनी और 60 सेंटीमीटर ऊंची इस ट्रॉफी के लिए गुरुवार से 14 टीमों के बीच 43 दिनों तक अब लगातार जंग चलेगी… इसे हासिल करने वाला अगले चार वर्ष तक विश्व क्रिकेट का बादशाह कहलाएगा और विजेता कप्तान इसे देख-देखकर इतराया करेगा…
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 19 फरवरी से दो अप्रैल तक भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में चलने वाले क्रिकेट महाकुंभ के लिए पिछले विश्वकप की तुलना में लगभग दोगुनी पुरस्कार राशि रखी है। इस टूर्नामेंट में चैंपियन बनने वाली टीम को 30 लाख डॉलर (लगभग 18 लाख 74 हजार पौंड या 13 करोड़ 67 लाख रुपए) की इनामी राशि मिलेगी।
आलम यह है कि इस बार पहले दौर में जीत दर्ज करने वाली टीम को भी 60 हजार डॉलर (लगभग 27 लाख रुपए) मिल जाएँगे जो 1987 में पहली बार चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली पुरस्कार राशि से 30 हजार पौंड से अधिक है। इस बार जो भी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुँचेगी, उसको तीन लाख 70 हजार डॉलर (लगभग एक करोड़ 68 लाख रुपए) मिलने तय हैं।
इसी तरह से सेमीफाइनल में हारने वाली टीम को 750,000 डॉलर यानी तीन करोड़ 41 लाख रुपए तथा फाइनल में पराजित होने वाली टीम को एक करोड़ 50 हजार डॉलर यानी छह करोड़ 83 लाख रुपए मिलेंगे जो कि पिछले सभी विश्वकप की तुलना में सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है।
भारतीय टीम 1983 में जब चैंपियन बनी थी तो क्रिकेट बोर्ड के पास भी खिलाड़ियों को देने के लिए पैसा नहीं था। आखिर में पैसा इकट्ठा करने के लिए लता मंगेशकर का कन्सर्ट करवाया गया था जिससे चैंपियन टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को एक-एक लाख रुपए मिले थे। अब यदि धोनी की टीम चैंपियन बनती है तो उसके प्रत्येक सदस्य को करोड़ों रुपए मिलना तय हैं।

जय हो ! विजय हो !

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