लौह पुरुष

पुजने लग जाये तो गोबर भी गणेश! यह सारा चमत्कार कैसे हो जाता है? जवाब है आस्था के आधार पर। यह आस्तिक का चमत्कार है कि वह गोबर को गणेश, मिट्टी को माधव बना देता है। लेकिन यह तभी संभव बना, जब गणेश की, माधो की विशेषताओं को लोगों ने जाना। अब अगर तुम विशेषता यानी कृतित्व क्या रहा है, उसे बताये या जाने बगैर किसी को भी स्वांग भरके गणेश या माधो पुजवाना शुरू कर दो तो वह माधो या गणेश तो बन नहीं जायेगा। हमारे देश के राजनीतिक इतिहास में गांधीजी-मोहनदास कर्मचंद गांधी महात्मा गांधी कहलाये, सरदार वल्लभभाई पटेल लौह पुरुष कहलाये, सुभाष चंद्र बोस नेताजी, जवाहरलाल नेहरू चाचा, तो उन्होंने ऐसे कुछ काम किये थे जिनकी वजह से वे वह कहलाये।

आज देश के सामने कोई समस्या आती है तो बरबस मुँह से निकल पड़ता है-‘काश ! आज सरदार पटेल जीवित होते। ’जर्मनी के एकीकरण में जो भूमिका बिस्मार्क ने और जापान के एकीकरण में जो कार्य मिकाडो ने किया, उनसे बढकर सरदार पटेल का कार्य कहा जायेगा, जिनने भारत जैसे उपमहाद्वीप को, विभाजन की आँधी में टुकड़े-टुकड़े हाने से रोका । किस प्रकार देशी राज्यों का एकीकरण संभव हो सका। इस पर विचार करते है तो आश्चर्य होता है। एक-दो नहीं, सैकड़ो राजा भारतवर्ष में विद्यमान थे। उनका एकीकरण सरदार पटेल जैसा कुशल नीतिज्ञ ही कर सकता था। इसी कारण उन्हें लौहपुरुष कहा जाता है। 
रवि पाण्डेय
गाजियाबाद

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