कंप्यूटर

संगणक के चार भाग

 

एक संगणक (कंप्यूटर) निम्नलिखित चार भागों से मिलकर बनता है :-

  • इन्पुट (निवेश) उपकरण उन उपकरणों को कहते हैं जिसके द्वारा निर्देशो और आंकडों को कंप्यूटर मे भेजा जाता है। जैसे- कुन्जी पटल (की-बोर्ड)
  • केन्द्रीय प्रोसेसिंग (प्रक्रमण) इकाई (नियन्त्रण इकाई + अंकगणित एवं तर्क इकाई)
  • भण्डारण इकाई या संचय इकाई
  • आउटपुट (निर्गत) उपकरण

 कंप्यूटर के प्रकार

कम्प्यूटर का मुख्य कार्य हमारे द्वारा दिये गये डाटा को स्टोर (STORE) कर उसपर कार्य कर के हमें परिणाम देना है। इसी आधार पर उन्हें कार्य क्षमता के आधार पर कुछ श्रेणियों मे बाँटा गया है। वह हैं – सुपर कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर, एव माइक्रो कंप्यूटर आदि। सुपर कंप्यूटर इनमें सबसे बडी श्रेणी होती है, तथा माइक्रो कंप्यूटर सबसे छोटी।
सुपर कंप्यूटर सबसे तेज गति से कार्य करने वाले कंप्यूटर होते हैं। वह बहुत अधिक डाटा को काफी कम समय में इंफार्मेशन में बदलने में सक्षम होते हैं। इनका प्रयोग बडे-2 कार्य करने में होता है, जैसे मौसम की भविष्यवाणी, डाटा माइनिंग, जटिल सिमुलेशन, मिसाइलों के डिजाइन आदि। इनमें अनेक माइक्रोप्रोसेसर (MICROPROCESSOR) [एक विशेष छोटी मशीन जो कम्प्यूटिंग के कार्य को काफी आसानी से तथा बहुत ही कम समय में कर सकने में सक्षम होती है।] लगे होते हैं। किसी जटिल गणना को कम समय में पूरा करने के लिये बहुत से प्रोसेसर एकसाथ (पैरेलेल) काम कराने पडते हैं। इसे पैरेलेल प्रोसेसिंग कहा जाता है। इसके अन्तर्गत जटिल काम को छोटे-छोटे टुकडों में इस प्रकार बाँटा जाता है कि ये छोटे-छोटे कार्य एक साथ अलग-अलग प्रोसेसरों द्वारा स्वतन्त्र रूप से किये जा सकें।
मेनफ्रेम कम्प्यूटर, सुपर कंप्यूटर से कार्यक्षमता में छोटे परंतु फिर भी बहुत शक्तिशाली होते हैं। इन कम्प्यूटरों पर एक समय में 256 से अधिक व्यक्ति एक साथ काम कर सकते हैं। अमरीका की I.B.M. कंपनी (INTERNATIONAL BUSINESS MACHINE CORPORATION ) मेनफ्रेम कंप्युटरों को बनाने वाली सबसे बडी कंपनी है।
मिनी कम्प्यूटर मेनप्रेम कंप्यूटरों से छोटे परंतु माइक्रो कम्प्यूटरों से बडे होते हैं।

 कम्प्यूटर के गुण

कंप्यूटर हमारे द्वारा दिये जाने वाले हर कार्य को बखूबी करने में सक्षम होते हैं। इनके कुछ गुण इस प्रकार हैं :

गति

कम्प्यूटर काफी तेज गति से कार्य करते हैं, जब हम कम्प्यूटर के बारे में बात करते हैं, तो हम मिनी सेकेन्ड, माइक्रो सेकेन्ड में बात नही करते, बल्कि हम 10-12 सेकेन्ड में एक कम्पयूटर कितना कार्य कर लेता है, इस रूप में उसकी गति को आँकते हैं।

न उबना

कंप्यूटर कभी भी उबते (बोर) नहीं हैं, और यही इनका सबसे अच्छा गुण है, क्योंकि यह एक यंत्र हैं, इसलिये ये काफी दिनों तक बिना किसी शिकायत के कार्य करने में सक्षम होते हैं।

स्मरण करने या संग्रह की क्षमता

एक सामान्य कम्प्यूटर भी एक बार दिये गये निर्देश को काफी समय तक स्मरण रखने मे सक्षम होता है, तथा जब भी आवश्यकता पडे़, उसे फिर से लिखा और भरा जा सकता है।

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